इसमें जवाहर नगर के प्रदीप गुप्ता व रत्नेश गुप्ता सहित निर्माण करने वाली फर्म कानपुर की शिवा इंटरप्राइजेज के सुब्रत शशांक सिंह निवासी रावतपुर पर गलत जानकारी देकर स्वीटेड कोको पाउडर बेचने पर 1.10 लाख का जुर्माना लगाया।
इसी प्रकार पैकिंग में गलत जानकारी लिख पापड़ बेचने पर अजगैन के अभय कुमार सिंह और राजस्थान बीकानेर की फर्म ज्योति पापड़ गृह उद्योग पर 1.07 लाख का अर्थदंड लगाया गया। बता दें कि जिले में मिलावट को रोकने के लिए समय-समय पर अभियान चलाया जा रहा है।
पांच हजार से 44 हजार तक का भी लगा है जुर्माना
एडीएम कोर्ट से सोयाबीन रिफाइंड, साबूदाना, छेना, पनीर, मिश्रित दूध, सरसो तेल, खोया, बेसन, कचौड़ी मसाला, रंगीन कचरी, इलायची रस्क, मिल्क केक के मामलों में पांच हजार से लेकर 44 हजार तक का जुर्माना लगाया गया है। बिना पंजीकरण के दुकान चलाने वाले एक दुकानदार पर भी पांच हजार का जुर्माना लगा है।
चेकिंग और जुर्माने की यह है प्रक्रिया
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग बाजार में बिकने वाली खानपान की वस्तुओं पर निगरानी रखता है। चेकिंग के दौरान जो सैंपल लिए जाते हैं उन्हें प्रयोगशाला भेजा जाता है। जांच रिपोर्ट आने पर यदि साधारण मिलावट (स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं) की पुष्टि होती है, तो एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया जाता है।
एडीएम मामले की सुनवाई करते हैं और मिलावट की गंभीरता पर आर्थिक जुर्माना लगाते हैं। वहीं जिन मामलों में ऐसी मिलावट पाई जाती है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं तो उन मामलों को सिविल कोर्ट में दायर किया जाता है। इन मामलों में मिलावटकर्ता को सजा और जुर्माना दोनों सुनाया जाता है।