किसी ने ठीक ही कहा है कि घर को आग लगी घर के चिराग से। किसानों व मजदूरों के लिए संचालित योजनाओं को जिम्मेदार ही पलीता लगा रहे हैं। गुरुवार को दो अलग-अलग समीक्षा बैठकों में इसका खुलासा हुआ। संयुक्त आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता लखनऊ मंडल की बैठक में पता लगा कि जिला सहकारी बैंक नवाबगंज शाखा ने न किसानों को कर्ज को बांटा और न ही नए केसीसी बनाए। सीडीओ की बैठक में पता चला कि हसंनगंज में मनरेगा मजदूरों को 80 लाख का भुगतान ही नहीं किया गया। जिला सहकारी बैंक नवाबगंज शाखा के प्रबंधक को निलंबित करने के आदेश जारी किए गए हैं। वहीं ऋण वितरण में शून्य मिलने पर बिछिया शाखा प्रबंधक व समिति के सचिव को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। विकास भवन सभागार में संयुक्त आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता लखनऊ मंडल श्रीकांत गोस्वामी ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। समिति एवं शाखा के कार्यकलापों को सुचारु रूप से न करने व वसूली/ऋण वितरण में पिछले वर्ष की तुलना में काफी पीछे रहने पर संयुक्त आयुक्त ने नवाबगंज के सहकारी बैंक शाखा के प्रबंधक को निलंबित करने के आदेश जिला सहकारी बैंक लि. के सचिव/मुख्य कार्यपालक अधिकारी को दिए। अल्पकालीन ऋण वितरण की समीक्षा के दौरान पता चला कि बिछिया में कार्यरत एफएसएस ने शून्य ऋण वितरण किया। साथ ही सदस्यों की नवीन केसीसी भी नहीं बनाई। इसकी जानकारी होते ही संयुक्त आयुक्त का पारा चढ़ गया और संबंधित शाखा प्रबंधक को प्रतिकूल प्रविष्टि और अपर जिला सहकारी अधिकारी सदर से स्पष्टीकरण तलब करने के आदेश दिए। इसके अलावा समिति बिछिया में कार्यरत सचिव को भी प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की गई है।