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पोस्टमार्टम से किया इनकर

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चकलवंशी। गणेश प्रतिमा के विसर्जन के दौरान गंगा में डूबे तीनों किशोरों के परिजनों में आक्रोश है। शुक्रवार देर रात गुस्साए परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से ही इन्कार कर दिया। एसडीएम और सीओ ने परिजनों को खनन की जांच व कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। इसके बाद शनिवार सुबह परियर घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
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परियर घाट पर माखी गांव निवासी प्रशांत सिंह, लवलेश सिंह व विशाल गुप्ता स्नान के दौरान डूब गए थे। हसनगंज एसडीएम देवेंद्र प्रताप सिंह, सदर तहसीलदार अतुल कुमार व विधायक बंबालाल दिवाकर के बेटे अश्वनी कुमार गांव पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया। एसडीएम व तहसीलदार ने चार-चार लाख रुपये का चेक मृतकों के परिजनों को दिया है।
मृतक प्रशांत सिंह के चाचा बाबू सिंह ने आरोप लगाया कि खनन कराने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। आरोप है कि अंतिम संस्कार में शामिल होने गए मजिस्ट्रेट माना बंगला गांव में ही बैठे रहे। चालक को भेजकर वीडियो बनवाकर कोरम पूरा कर लिया। मृतक लवलेश के पिता जयसिंह का आरोप है कि कुछ जनप्रतिनिधि खनन में संलिप्त हैं। मानक से अधिक खनन हो रहा है। छह फीट बालू खोदने की जगह 40 फीट खुदाई की गई। अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए।
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बेटे की मौत की लगा रहे हो कीमत
चेक देने के दौरान एसडीएम ने जैसे ही मृतक विशाल की मां सीमा को बुलाया वह आक्रोशित हो गईं और कहा मौत के बाद मेरे बेटे की कीमत लगा रहे हो। इन रुपयों से खनन से हुए गंगा में गड्ढों को भरवा दो। इससे किसी और मां की कोख नहीं उजड़ेगी। अधिकारी चुपचाप सुनते रहे। बाद में मृतक के पिता रामकिशोर को समझाकर चेक दिया।
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