हसनगंज। ग्रामीणों ने एसडीएम को कोतवाली से कुछ दूर भरहा समसपुर गांव के पास तारपीन तेल की अवैध फैक्टरी संचालित होने की सूचना दी। देर शाम तक कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। हालांकि एसडीएम टीम भेजने की बात कहते रहे।
ग्रामीणों के मुताबिक, 15 दिन पहले यह फैक्टरी अवैध रूप से गांव के अंदर एक घर में चल रही थी। आग लगने से पड़ोस में रहने वाला एक किशोर झुलस गया था। ग्रामीणों के विरोध करने पर संचालकों ने इसका संचालन गांव के बाहर शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि सप्लाई इंस्पेक्टर से भी शिकायत की गई लेकिन उन्होंने यह कहकर भगा दिया था कि तारपीन फैक्टरी है। कोई बम बनाने की नहीं है।
शुक्रवार को तारपीन तेल से भरे 17, 2000 लीटर क्षमता का एक टैंकर व 20 अन्य खाली ड्रम रखे हुए थे। वहीं, हजारों की संख्या में खाली व भरी हुई तेल की बोतलें रखी देखी गईं। एसडीएम रामदेव निषाद ने बताया कि ग्रामीणों व सोशल मीडिया की माध्यम से जानकारी मिली है। सप्लाई इंस्पेक्टर व पुलिस को मौके पर भेजा गया है। सीओ संतोष सिंह ने बताया कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी।