इसका असर आगामी विधानसभा चुनाव में दिखाई देगा। महामंत्री प्रवीण कुमार ने कहा कि लेखपालों की मांगों के प्रति सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। मांगे पूरी न होने से लेखपाल आक्रोशित है। कई बार मांगों को पूरा कराने के लिए सीएम को संबोधित ज्ञापन दिए गए लेकिन कोई हल नहीं निकला। अब लेखपाल जिला स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक कि लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। पूर्व जिलाध्यक्ष रामनारायण पाल ने कहा कि लेखपालों का पदनाम बदला जाए। स्थानांतरण नीति में संशोधन किया जाए। वेतनमान बढ़ाया जाए सहित छह सूत्रीय मांगों को लेकर लेखपाल धरना दे रहे हैं। यहां उन्होंने लेखपालों से एकजुटता बनाए रखने की अपील की। कहा कि यदि 30 अगस्त तक कोई सुनवाई न हुई तो लेखपाल विधानसभा का घेराव करेंगे। इस दौरान रामस्वरूप, अखिलेश कुमार, हरिओम मिश्रा, रामजी सिंह, सरोज कुमार भी मौजूद रहे।