संवाद न्यूज एजेंसी
बिछिया। प्रतापगढ़ जिले में श्रद्धालुओं से भरी बस पलटने से मैता गांव के छात्र सहित तीन की मौत के बाद मंगलवार देर रात शव गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। वहीं 16 घायलों में तीन की हालत गंभीर होने पर परिजनों ने तीनों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। शेष 13 घायलों की हालत में सुधार होने पर वह घर आ गए।
दही क्षेत्र के गांव मैता के लोग सोमवार शाम करीब छह बजे मिर्जापुर जिले के विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी के दर्शन करने के लिए निकले थे। इसके लिए सभी ने एक मिनी बस बुक की थी। बस में पुरुष, महिलाओं बच्चों सहित 48 लोग सवार थे।
सोमवार देर रात बस लखनऊ-प्रयागराज हाईवे पर प्रयागराज जिले के हथिगवां फूलमती गांव के पास पहुंची थी तभी ट्रक की टक्कर लगने से अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खंती में पलट गई थी। स्थानीय पुलिस ने सभी को कुंडा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया।
हादसे में मैता गांव निवासी अवधेश का बेटा अनुराग उर्फ वासू (20), कृष्ण कुमार (45) और इसी गांव निवासी रामनारायण की बेटी संध्या (12) की मौत हो गई थी। वहीं प्रियांशु, विमलेश, सचिन, संदीप, मथुरा, हीरालाल, अनिल उनकी पत्नी व बेटा, महादेव राकेश, कटियान गांव रामबिलास व उनकी बेटी पूजा, आनंद, सुरेंद्र और उनकी पत्नी घायल थे।
मंगलवार देर रात पोस्टमार्टम के बाद तीनों शव गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। बुधवार सुबह सांसद साक्षी महाराज, पूर्व विधायक उदयराज यादव, जिला पंचायत सदस्य गोविंद यादव, ब्लॉक प्रमुख नीरज गुप्ता ने पहुंच परिजनों को ढांढ़स बंधाया। दोपहर बाद परिजनों ने अपने-अपने खेतों में तीनों के शव दफन कर दिए।
घायलों में मैता गांव के सचिन और ननिहाल में रह रहे प्रियांशु को परिजनों ने निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। सराय कटियान गांव की पूजा का कानपुर में इलाज चल रहा है।