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ढाई साल पहले युवती से दुष्कर्म व जान से मारने की धमकी के मामले में कोर्ट ने युवक को सात साल की सजा सुनाई है। साथ ही बीस हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थित में छह महीने का अतिरिक्त कारावास होगी।
माखी थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी युवती को गांव का ही महेश पाल अपने साथ ले गया था। इसकी जानकारी होने पर युवती के परिजनों के दबाव पर उसे गांव ले आया, मगर एक साल तक शारीरिक शोषण करता रहा।
युवती के पिता के अनुसार मार्च 2017 में महेश ने युवती से बहन की शादी के नाम पर 20 हजार रुपये भी ले लिए। इसी दौरान युवती का विवाह कानपुर में तय हो गया। इसकी जानकारी महेश को होने पर उसने 22 अगस्त 2017 को फिर युवती से दुष्कर्म किया। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
24 अगस्त को युवती के पिता ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। जांच के दौरान मामला सही मिलने पर पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया। मामले की सुनवाई न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक में चल रहा था।
मंगलवार को हुई सुनवाई में सरकारी वकील रामजीवन यादव की दलीलों को सुनने के बाद जज रामप्रकाश पांडेय ने सात साल की सजा सुनाई। साथ ही बीस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न अदा करने की स्थिति में छह माह के अतिरिक्त कारावास की सजा काटनी होगी।