कोतवाली क्षेत्र के जगदीशपुर मजरे रतवसिया निवासी निर्मला (32) पत्नी मोतीलाल रविवार दोपहर लगभग एक बजे घर पर मरणासन्न हालत में पड़ी मिली। घटना के समय पति पुरवा कोल्ड स्टोर आलू लेने गया था। जबकि पुत्री नेहा (6) घर के बाहर खेलने गई थी। दोपहर लगभग डेढ़ बजे जब नेहा खेल कर घर आई तो मां को मरणासन्न हालत में देख चीखी और घर से बाहर भाग गई। मां के लहूलुहान पड़े होने की जानकारी मोहल्ले वालाें को दी। पड़ोसियों ने मोतीलाल को फोन पर घटना की जानकारी दी। पति निर्मला को लेकर पुरवा सीएचसी आया। यहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। रविवार की शाम जिला अस्पताल से उसे कानपुर के लिए रेफर किया गया लेकिन परिजनों ने उसे लखनऊ के ट्रामासेंटर में भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान युवती की मौत हो गई।
पति मोतीलाल ने बताया कि निर्मला के सिर पर गंभीर चोटें होने के साथ ही आंख व पेट पर भी चोटों के निशान थे। मोतीलाल के मुताबिक तीन वर्ष पहले निर्मला ने उसके साथ दूसरा विवाह किया था। 7 जुलाई को दोनों की शादी हुई थी। निर्मला का पहला विवाह मौरावां थानाक्षेत्र के उर्वीखेड़ा निवासी पुतई के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद ही पुतई एक महिला को लेकर भाग गया था। इससे निर्मला ने उससे संबंध तोड़ लिए थे। लेकिन कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की थी। शादी के बाद निर्मला अपनी दो बेटियों में चांदनी(8) व नेहा(6) को साथ लाई। नेहा तो मां के पास रुकी लेकिन चांदनी को मर्दनपुर अकोहरी में रहने वाले मामा के यहां चली गई।
पहली ससुराल वालों पर पति ने जताया शक
पति मोतीलाल ने मृतका निर्मला की हत्या का शक पहली ससुराल वालों पर जताया है। उसका कहना है कि चार-पांच दिनों से दो बाइक सवार चार अज्ञात नकापोश गांव में भूसा की बात करने आ रहे थे। वह उसके घर के आस-पास ही टहला करते थे। लेकिन इस बात अंदेशा नहीं था कि पत्नी की हत्या कर दी जाएगी। वहीं दिन दहाड़े हुई वारदात से ग्रामीण भी दहशत में हैं।
क्या बोले कोतवाली प्रभारी
पुरवा कोतवाली प्रभारी श्रीकांत द्विवेदी ने बताया कि महिला के चोट लगी थी। इलाज के दौरान उसकी मौत है। लेकिन कोई सूचना मेरे पास नहीं है। इसलिए मैं कुछ भी नहीं बता सकता।