गंजमुरादाबाद। कोतवाली क्षेत्र के गांव मेला रामकुंवर में इंजन को बंद करते समय महिला पट्टे की चपेट में आ गई। इससे उसकी मौत हो गई।
बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के गांव मेला रामकुंवर के मजरा लक्ष्मण पुरवा निवासी संतोष पत्नी सुनीता (35) के साथ बुवाई के लिए खेत में पलेवा कर रहा था। देर रात इंजन ने पानी छोड़ दिया। संतोष ने सुनीता से इंजन बंद करने के लिए कहा। इंजन बंद करते समय सुनीता की साड़ी व बाल पट्टे की चपेट में आ गए। इससे वह उसी पट्टे में लिपट गईं।
हादसे में सुनीता की मौत हो गई। मृतका के पांच बच्चों में नीरज (14), शिवानी (12), धीरज (10), दीपक (8) व मनीष (5) हैं। दंपति किसानी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। सुनीता की मौत से परिजन रो-रो कर बेहाल रहे।
------------
कानपुर की कैंट कॉलोनी का रहने वाला था मृतक
मृतक के ममेरे भाई ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंच की पहचान
अजगैन रेलवे स्टेशन पर तीन दिन पहले मिला था शव
अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। अजगैन रेलवे स्टेशन पर तीन दिन पहले ट्रेन से कटे युवक की शिनाख्त ममेरे भाई ने पोस्टमार्टम हाउस में की। मृतक कानपुर की गोल्फ कोठी कालोनी कैंट का रहने वाला था। वह बाराबंकी में शादी समारोह में शामिल होेने जा रहा था।
कानपुर कीगोल्फ कोठी कॉलोनी कैंट निवासी नीरज (25) 15 नवंबर को बाराबंकी में रहने वाले रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में शामिल होने जा रहा था। अजगैन रेलवे स्टेशन पर वह ट्रेन से उतरा था। ट्रेन के चल देने पर वह दौड़कर चढ़ने लगा था।
इसी दौरान ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे मृतक नीरज के ममेरे भाई सुदीप ने बताया कि नीरज के माता-पिता की बचपन में ही मौत हो गई थी। नीरज को बुआ सुनीता पत्नी स्वर्गीय हरिश्चंद्र ने पाला था। नीरज कानपुर के हूलागंज में सुपाड़ी लादने का काम करता था।