सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के मिर्जापुर मजरा ईश्वरीखेड़ा निवासी रामभरोसे दो माह पूर्व महाराष्ट्र नौकरी करने गया था। वहां उसने कुल्फी का काम डाला। धंधा अच्छा चलने लगा। कुछ रकम इकट्ठा होने पर वह परिजनों से मिलने व पैसे देने के लिए महाराष्ट्र से घर लौट रहा था। शुक्रवार रात को वह ट्रेन से उन्नाव पहुंचा। सफीपुर जाने के लिए वह शहर के हरदोई पुल तिराहा के पास सवारी वाहन का इंतजार कर रहा था। तभी एक वैन आकर रुकी। वैन चालक ने युवक को सफीपुर तक जाने की बात कहते हुए बैठा लिया। वैन में चार युवक बैठे थे। वैन जैसे ही माखी थाना क्षेत्र के रऊ चौराहा के पास पहुंची, चालक ने रामभरोसे से बातचीत में रुपयों की जानकारी ली। रामभरोसे ने चालक को रुपयों की जानकारी नहीं दी तो वैन सवार बदमाशों ने उसे चकलवंशी चौराहे पर पुलिस चेकिंग की बात कहकर झांसे में लिया। बदमाशों ने कहा कि पांच हजार रुपये से अधिक रकम हो तो गाड़ी की डिग्गी में रख दो। चालक के कहने पर रामभरोसे ने 31 हजार रुपये चालक को डिग्गी में रखने के लिए दे दिए। माखी थानाक्षेत्र के एक पेट्रोल पंप के पास सुनसान स्थान पर वैन सवार बदमाशों ने रामभरोसे को पहले पीटा और बाद में चलती गाड़ी से फेंक दिया। चलती गाड़ी से सड़क पर गिरने से उसे गंभीर चोटें भी आई हैं। उसने राहगीरों को घटना की जानकारी दी। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। करीब घंटे भर बाद पहुंची पुलिस ने घायल को सफीपुर सीएचसी में भर्ती कराया और परिजनों को सूचना दी। पीड़ित के अनुसार लूटी गई रकम में महाराष्ट्र के सांगली में काम करने वाले भाई श्रीपाल के 13 हजार व और भतीजे बबलू के तीन हजार रुपये भी थे। माखी एसओ अरविंद सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी हुई है, लेकिन अभी तहरीर नहीं आई है। तहरीर आने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।