हसनगंज। कोतवाली क्षेत्र के तेगापुर में आठ दिन पूर्व दिनदहाड़े हुई महिला की हत्या का शुक्रवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि गांव में रहने वाले युवक ने बाग की रखवाली करते समय महिला को बुरी नीयत से दबोच लिया था। विरोध करने व परिजनों को मामले की जानकारी देने की धमकी पर उसने हत्या कर दी थी। पुलिस ने घटना में प्रयोग किए गए डंडे व आरोपी के खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं।
हसनगंज कोतवाली क्षेत्र के तेगापुर निवासी किशन पाल रैदास की पत्नी शांती (35) की 10 मई की दोपहर हत्या कर दी गई थी। शांति का शव गांव के ही सुंदर लाल की कोठरी में खून से लथपथ हालत में मिला था। पुलिस ने शक के आधार पर शांति के देवर व उसके एक भतीजे को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। पति की तहरीर पर अज्ञात लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। घटना की जांच में जुटी पुलिस ने शुक्रवार को घटना का खुलासा कर दिया। पुलिस ने गांव के ही मिथुन पुत्र कामता को शांति की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस का दावा है कि घटना के दिन मिथुन बाग की रखवाली कर रहा था। शांति शौचक्रिया से लौट रही थी। तभी मिथुन ने उसे बुरी नीयत से दबोच लिया। शांति ने विरोध कर मौके से भागने का प्रयास किया। मामला खुलने के डर से मिथुन ने शांति के सिर पर डंडे से वार कर दिया। हमले में शांति की मौत हो गई। मिथुन ने शव को खेत में बनी कोठरी में फेंक दिया। इसके बाद भाग निकला था। थानाध्यक्ष धर्मवीर सिंह ने बताया कि घटनास्थल से मिली पानी की बोतल व डाग स्क्वॉड के आम के बाग तक जाने से घटना का खुलासा करने में मदद मिली है।
इनसेट
पत्नी ने छोड़ दिया था साथ
ग्रामीणों ने बताया कि मिथुन का चाल चलन ठीक नहीं था। शादी के बाद पत्नी से विवाद होता रहता था। इस पर पत्नी छोड़कर चली गई थी। पत्नी के जाने के बाद से मिथुन अकेले रहता था। मिथुन ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
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नहीं हो सकी टैक्सी स्टैंड के ठेकों की नीलामी
-तबीयत खराब होने से ईओ ने कार्यालय छोड़ा, सभासदों ने डीएम से की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
नवाबगंज। नगर पंचायत नवाबगंज कार्यालय में शुक्रवार दोपहर टैक्सी स्टैंड की नीलामी प्रक्रिया बीच में ही रुक गई। तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए ईओ नीलामी प्रक्रिया बीच में ही छोड़कर चले गए। सभासदों ने एक जनप्रतिनिधि के दबाव में नीलामी रुकवाने का आरोप लगाते हुए डीएम से शिकायत की है।
नगर पंचायत नवाबगंज में शुक्रवार को वित्तीय वर्ष 2018-19 हेतु वाहन स्टैंडों की नीलामी होनी थी। नीलामी प्रक्रिया में शामिल विजयकुमार अवस्थी, गीता सिंह, राधा गुप्ता, रिषी जायसवाल, बीना सिंह ने जमानत धनराशि 50 हजार रुपये जमा कर दी थी। नीलामी बोली के दौरान सिर्फ दो लोग ही नगर पंचायत कार्यालय पहुंचे। नीलामी प्रक्रिया शुरू होते ही ठेकेदारों के बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद के दौरान अधिशासी अधिकारी उमेश मिश्रा ने बोली बीच में रुकवा दी। उन्होंने तबीयत खराब होने का हवाला देते हुए कार्यालय छोड़ दिया। ईओ के कार्यालय से बाहर जाते ही
नीलामी प्रक्रिया लटक गई। देर शाम कुछ सभासदों ने नीलामी को बीच में रुकवाने के पीछे साजिश बताई। सभासदों ने डीएम से मामले की शिकायत की। इस पर डीएम ने शनिवार को टैक्सी स्टैंड की नीलामी प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।