मौरावां कस्बे के चौधरिनटोला में हुए चौहरे हत्याकांड की पड़ताल में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। मां-बेटियों की हत्या के बाद उनके शरीर पर केमिकल भी डाला गया था। केमिकल के प्रभाव से ही मृत मां-बेटियों के शरीर पर फफोले पडे़ थे। शव देखने के बाद परिवार के लोगों ने भी केमिकल से शव जलाने का आरोप लगाया था । पुलिस ने शव कई दिन पुराने होने और गर्मी से फफोले पड़ने की बात कहकर इसे दबा दिया था।
बुधवार को बंद मकान में मनोज की पत्नी सरिता व उसकी तीन बेटियों के क्षत-विक्षत शव आंगन व कमरे में मिले थे। जांच करने पहुंची पुलिस ने किसी को भी अंदर जाने नहीं दिया था। पुलिस ने मीडिया को भी बाहर रोक दिया। कुछ देर तक जांच के बाद बाहर निकली पुलिस ने सभी को अंदर जाने की परमीशन दी। पुलिस के अंदर जाने से पहले आंगन के बरामदे में एक तसला रखा था। इसमें केमिकल भरा था।
इस तसले में पड़े कुछ पौधे केमिकल के असर से जल चुके थे। तसले में एक मग भी पड़ा था। मग का आधा हिस्सा केमिकल में डूबा था। शव देखने के बाद परिजनों ने मृतकों के शरीर को केमिकल डालकर जलाने का आरोप लगाया था। सभी के शरीर पर पड़े फफोले और चारपाई से नीचे बहकर गया केमिकल इसे साबित भी कर रहा था। पुलिस ने शवों के कई दिन पुराने होने और गर्मी से फफोले पड़ने की दलील देकर इस ओर से ध्यान हटवा दिया था।
घटना के दूसरे दिन परिवार के लोगों ने साक्ष्य छिपाने का आरोप लगाया था। केमिकल भरे तसले में पड़े मग का सुरक्षित आधा हिस्सा शवों पर केमिकल डालने की पुष्टि करता रहा। जिले की कप्तान एसपी नेहा पांडेय इसे निराधार बताती रहीं।
पुलिस और जनप्रतिनिधियों का रहा तांता
घटना के तीसरे दिन भी पुलिस कस्बे में डेरा डाले रही। पुलिस के अधिकारियों ने मनोज और परिजनों से अलग-अलग पूछताछ की। परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए कई जनप्रतिनिधि घर पहुंचे। बसपा के पूर्व मंत्री भगवती प्रसाद सागर, बसपा जिलाध्यक्ष रामविलास गौतम ने कहा कि घटना के खुलासे में पुलिस ने हीलाहवाली की तो राज्यपाल और सीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की जाएगी। वहीं मामले की जांच कर रहे पुलिस के अधिकारियों से परिजनों ने जल्द घटना के खुलासे की मांग की।
12 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ
हत्या के खुलासे के लिए पुलिस ने 12 से अधिक लोगों को शक होने पर उठाया है। पुलिस हिरासत में इनसे पूछताछ की जा रही है। एसओ धर्मप्रकाश शुक्ल ने बताया कि हम खुलासे के करीब हैं। जल्द ही आरोपियों को सामने लाकर घटना का पर्दाफाश किया जाएगा। उधर, पुलिस की धरपकड़ से कस्बे के लोगों में दहशत है। लोगों का कहना है कि पता नहीं कब पुलिस हमें और हमारे बच्चों को जीप में बिठा ले जाए। सहमे लोग बोले कि जल्द खुलासा न हुआ तो बेकसूर पुलिस उत्पीड़न का शिकार होते रहेंगे।