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लापता किशोरी का शव स्कूल परिसर में मिला

Wed, 27 Apr 2016 12:24 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
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मृतक के परिजन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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किशोरी शनिवार को जानवर चराने के लिए निकली थी तभी से लापता थी। पुलिस ने डॉग स्क्वायड की मदद से सुराग तलाशने की कोशिश, लेकिन नाकाम रही। हालांकि पुलिस कई क्लू मिलने की बात कह रही है। सीओ बीघापुर ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही।
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बारासगवर थानाक्षेत्र के अलीपुर निवासी गुड्डे की पुत्री शिवानी (14) शनिवार शाम चार बजे घर से जानवर चराने के लिए निकली थी। देर शाम तक घर न लौटने पर परिजन उसकी खोजबीन में जुट गए। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे जलनिगम के कर्मचारी गांव के प्राथमिक विद्यालय में हैंडपंप रीबोर करने पहुंचे। जैसे ही वह स्कूल के भीतर पहुंचे स्कूल के खाली पड़े स्टोर रूम से दुर्गंध आने पर झांका तो किशोरी का कई दिन पुराना शव देखा। किशोरी का शव दीवार के सहारे जमीन पर पड़ा था। जबकि उसकी गर्दन में दुपट्टे का फंदा पड़ा था और दूसरा सिरा रोशनदान की ग्रिल में बंधा था। मृतका के शरीर में फफोले भी हैं जिससे किसी केमिकल से शव जलाने की ओर इशारा कर रहे थे। जलनिगम के कर्मियों ने घटना की जानकारी ग्रामीणों को दी। कुछ ही देर में सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। इसी बीच किशोरी के पिता गुड्डे ने वहां पहुंच शव की पहचान बेटी के रूप में की। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच के बाद शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने डॉग स्क्वायड की मदद से सुराग तलाशने की कोशिश की पर स्नीफर डॉग कुछ दूर जाकर लौट आया। मौके पर पहुंचे एसडीएम बीघापुर मृत्युंजयराम व सीओ बीघापुर आरके चतुर्वेदी ने परिजनों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। सीओ आरके सिंह ने बताया कि किशोरी पहले भी इसी तरह लापता हो गई थी। वह दूसरे दिन अपनी मौसी के यहां मिली थी। मंगलवार दोपहर उसका शव गांव के प्राथमिक विद्यालय के स्टोर के रोशनदान की खिड़की से लटका मिला है। बोले प्रथम दृष्ट्या मामला आत्महत्या का लग रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।  

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स्कूल परिसर में वारदात और किसी को भनक नहीं!
ग्रामीणों के मुताबिक गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ाई चल रही है। रोजाना स्कूल खुलता और बंद होता है। लोगों का कहना है कि स्कूल की शिक्षिकाओं से लेकर किसी बच्चे को इसकी भनक तक नहीं लगी। यहां तक कि शव की दुर्गंध भी किसी को महसूस नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल बंद होने के बाद शिक्षक मेन गेट में ताला लगाकर जाते है। गेट में ताला बंद होने के बावजूद किशोरी स्कूल के अंदर कैसे पहुंची। उसे आत्महत्या करनी होती तो कहीं भी कर सकती थी। स्कूल की बाउंड्री की ऊंचाई 5-6 फिट है। उससे बिना किसी की मदद के बाउंड्री से कूदकर अंदर जाना संभव नहीं है। हत्या की ओर साफ इशारा कर रहे इन बिंदुओं पर पुलिस टीमें जांच कर रही हैं।
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पुलिस को सूचना न देना भी चर्चा का विषय
किशोरी के लापता होने के बाद परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी। पिता ने बताया कि बेटी के लापता होने के बाद वह उसकी रिश्तेदारी में उसकी खोजबीन कर रहा था। इससे पहले भी बेटी गुस्से में मौसी के घर चली गई थी। मंगलवार शाम को उसने पुलिस को जानकारी देने का मन बनाया था। पुलिस तक पहुंचने से पहले ही बेटी का शव मिल गया।
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