जमीन का विवाद सोमवार दोपहर संघर्ष में बदल गया। ग्राम प्रधान व उनके पड़ोसी परिवार के समर्थकों में जमकर लाठी डंडे चले। जिससे मौके पर भगदड़ मच गई। दोनों पक्षों में टकराव में तीन युवतियों सहित एक दर्जन लोग चुटहिल हो गए। जिसमें से एक घायल की हालत चिंताजनक देख सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया है। दोनों पक्षों ने कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है।
बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सिरधरपुर में ग्राम प्रधान ऊषा देवी और जयपाल सिंह के मकान आमने सामने हैं। दोनों परिवारों में लंबे समय से दरवाजे के सहन को लेकर विवाद चल रहा है। सोमवार को जयपाल सिंह के दरवाजे पर बैठकर कुछ लोगों ने नशेबाजी की बाद में गाली गलौज शुरू कर दी। ग्राम प्रधान के पति आशाराम ने गाली गलौज करने से मना किया तो जयपाल सिंह अपने समर्थकों के साथ लाठी डंडों से हमला कर दिया। जिस पर आशाराम ने भी समर्थकों के साथ धावा बोल दिया।
देखते ही देखते दोनों पक्षों में लाठियां चल गई। मारपीट देख पड़ोसी घरों में कैद हो गए तो वहीं होली खेल रहे ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। इस दौरान ग्राम प्रधान के पति आशाराम व उनकी पुत्रियां प्रीती, प्रतिभा, प्रियंका के अलावा राम जीवन, राम खेलावन, रामबाबू घायल हो गए। वहीं दूसरे पक्ष के जयपाल सिंह, जयनारायण, जय मोहन, नन्हे सिंह को चोटें आईं हैं। पुलिस ने दोनों पक्षों के आधा दर्जन से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर थाने ले गई। इस दौरान गंभीर घायल राम सजीवन को पुलिस ने सीएचसी में भर्ती कराया।
जहां हालत गंभीर होने पर डाक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। कोतवाली प्रभारी भूपेंद्र राठी ने बताया कि कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। दोनों पक्षों से मारपीट का मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।