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सराफा हत्याकांड में तीन गिरफ्तार, सरगना समेत दो फरार

Fri, 21 Oct 2016 12:28 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
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हिरासत में हत्यारोपी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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12 सितंबर को शहर के मोहल्ला एबी नगर निवासी प्रमोद सोनी की दुकान बंद कर घर जाते समय गोली मारकर बदमाश जेवर-नगदी लूट ले गए थे। कानपुर में 2 अक्तूबर को प्रमोद की मौत हो गई थी। वहीं मौरावां थानाक्षेत्र में 13 अक्तूबर की रात हौदाखेड़ा गांव निवासी राजकुमार रावत (30) की कलुआखेड़ा बाजार से दुकान बंद करके लौटते समय हत्या कर लूट की घटना हुई थी।
मौरावां पुलिस और क्राइम ब्रांच ने सर्विलांस की मदद से बुधवार रात तीन लुटेरों को अवैध असलहों समेत गिरफ्तार कर लिया। लुटेरों में कानपुर बर्रा दो निवासी धीरज गुप्ता, विजय नगर कानपुर निवासी रमेश कुशवाहा और गंगाघाट थानाक्षेत्र के देवारा खुर्द गांव निवासी विनय सिंह हैं। गिरोह का सरगना मर्जाखेड़ा मौरावां निवासी संतोष उर्फ मास्टर और देवाराकला गांव निवासी असलम उर्फ अक्का पुलिस के हाथ से फिसल गए। पुलिस ने सराफ राजकुमार से लूटा गया 39 ग्राम सोना, 800 ग्राम चांदी और प्रमोद सोनी से लूटा गया 20 हजार रुपया और करीब एक लाख के जेवर बरामद करने का दावा किया है। एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि यह गिरोह उन्नाव के अलावा कानपुर में भी लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा है। बताया कि फरार लुटेरों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।  
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पिता बोले, न बताया न दिखाया, यह कैसा खुलासा
शहर में प्रमोद सोनी को गोली मारकर हुई लाखों की लूट की घटना के खुलासे पर सवाल उठ रहे हैं। मृतक के पिता मोहनचंद्र सोनी का कहना है कि पुलिस ने खुलासे की सूचना तक नहीं दी। और तो और बरामद माल की पहचान भी नहीं कराई। उन्होंने बताया कि कारीगर को भी बुलाया जाना जरूरी था। हालांकि पुलिस अभी इन सभी सवालों को टाल रही है।

कम कैसे हो गई लूट की रकम
सराफ प्रमोद सोनी की हत्या के बाद पिता मोहनचंद्र सोनी ने जेवर-नगदी समेत करीब दस लाख की लूट की बात कही थी। लेकिन पुलिस ने बीस हजार रुपये व एक लाख के जेवर बरामद होने की बात कही है। वहीं मौरावां थानाक्षेत्र में सराफ राजकुमार उर्फ राज रावत की हत्या के बाद पिता रामपाल ने छह लाख से अधिक की लूट होने की बात कही थी।

गिरोह के लिए रैकी करता था संतोष मास्टर
मौरावां के मिर्जाखेड़ा गांव का रहने वाला संतोष उर्फ मास्टर, सराफ राजकुमार को जानता था। स्वाट टीम प्रभारी एनुद्दीन ने बताया कि संतोष ज्वैलरी का कारोबार करने वालों की रैकी का मास्टर है। इसी वजह से उसका नाम मास्टर पड़ा है। कानपुर जेल में रहने के दौरान मास्टर की अगुवाई में गिरोह बनाकर लूट की वारदातों को अंजाम देना शुरू किया।
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लूट का कोडवर्ड था, रस्सी खींचना
स्वाट टीम प्रभारी ने बताया कि यह गिरोह उन्नाव के अलावा कानपुर, रायबरेली, फतेहपुर समेत आसपास के कई जिलों में लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा था। स्वाट टीम प्रभारी ने बताया कि संतोष और असलम की गिरफ्तारी के बाद पिछले दिनों कानपुर मरीकंपनी में तीन ट्रेनों में पड़ी डकैती, बारासगवर में दो सगे भाईयों को गोली मारकर लाखों की लूट, हसनगंज में महिलाबाद के व्यापारी से हुई लूट की घटना का खुलासा हो सकता है।
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