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उन्नाव में रुकते थे सैफुल्लाह और उसके साथी

Wed, 29 Mar 2017 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
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रेलवे स्टेशन रोड से गुजरती एनआईए टीम। - फोटो : अमर उजाला
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मुठभेड़ में मारे गए आतंकी सैफुउल्लाह और उसके साथी उन्नाव में कुछ दिन रुके थे। यहीं से उन लोगों ने ट्रेनों में घटनाओं को अंजाम देने का रोडमैप तैयार किया था। मंगलवार को एनआईए (नेशनल इनवेस्टीगेशन एजेंसी) की टीम पकड़े गए एक संदिग्ध आतंकी को लेकर यहां पहुंची। टीम ने सीन री- कंस्ट्रक्शन किया। दोनों मस्जिदों की पहचान कराने के बाद लौट गईं। टीम करीब आधे घंटे शहर में रही और इसके बाद हाईवे से कानपुर लौटी।
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कई लग्जरी गाड़ियों से आई टीम में काफी संख्या में कमांडो भी थे। आतंकी को काला नकाब पहनाकर लाया गया था। भारी फोर्स की चहलकदमी से शहर में सनसनी रही। सूत्रों का कहना है कि टीम के साथ भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ब्लास्ट में पकड़े गए संदिग्ध आतंकी फैसल और गौस मोहम्मद थे। लेकिन टीम ने यहां सिर्फ एक को उतारा।

मालूम हो कि सात मार्च को लखनऊ के ठाकुरगंज मोहल्ला में आतंकी सैफुल्लाह मारा गया था। जबकि उसका साथी आतिफ व अन्य कई पकड़े गए थे। सूत्रों के अनुसार एनआईए के हाथ पकड़े गए आतिफ के साथियों ने उन्नाव में रुक कर कई घटनाओं को अंजाम देने का रूट प्लान तैयार किया था। इस दौरान वह दोनों करीब दो महीने पहले अलग-अलग दिनों में उन्नाव शहर की दो दरगाहों में रात भी बिताई थी। इस खुलासे के बाद एनआईए एसपी दीपक कुमार के नेतृत्व में एक टीम मंगलवार को यहां पहुंची। 
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सुबह करीब पौने ग्यारह बजे टीम सबसे पहले उन्नाव रेलवे स्टेशन रोड स्थित बुद्धनशाह दरगाह पहुंची। यहां कमांडो साथ लाए गए नकाबपोश संदिग्ध आतंकी को दरगाह के भीतर लेकर गए और कुछ खास जानकारियां लेने के बाद संदिग्ध आतंकी की दरगार परिसर में ही वीडियो व फोटोग्राफी की। करीब 15 मिनट बाद उसको गाड़ी में बैठकर शहर के मोहल्ला छिपियाना होते हुए किला स्थित शिया मस्जिद पहुंची। बताया जाता है कि  यहां उसने बताया कि वह सैफुल्लाह और आतिफ के साथ शिया मस्जिद से लगी मौलाअली की दरगाह में एक रात ठहरा था।

एनआईए की टीम ने यहां दरगाह के आसपास की वीडियो और फोटोग्राफी करने के बाद काले नकाबपोश को कमांडो कड़ी सुरक्षा के बीच अपने साथ लेकर चले गए। कई गाड़ियां और भारी फोर्स देखकर लोगों में सनसनी फैल गई। अपर पुलिस अधीक्षक आरएस गौतम ने बताया कि एनआईए की टीम, आतंकी गतिविधियों में लिप्त किसी व्यक्ति को लेकर आई थी। और शहर में दो स्थानों पर गई थी। वह किसे लेकर आई थी इसकी जानकारी नहीं है।

जायरीन बनकर ठहरा था सैफउल्लाह और उसका साथी
उन्नाव। शहर में मंगलवार को आतंकी के साथ पहुंची एनआईए की टीम की ओर से दो स्थानों की तस्दीक कराने से एक बार फिर साबित कर दिया कि आतंकी संगठनों से जुड़े लोग शहर और आसपास के कस्बों में शरण लेकर गतिविधयों को अंजाम देते रहे हैं। मंगलवार को एनआईए टीम जिस आतंकी को लेकर शहर आई थी उसने खुलासा किया है कि वह लखनऊ एनकाउंटर में मारे गए आतंकी सैफुउल्लाह के साथ यहां कई दिन रुका था।

प्रदेश की राजधानी लखनऊ और महानगर कानपुर के बीच होने के कारण आतंकी पहले भी अपनी नापाक गतिविधियों के लिए उन्नाव को अपना आसरा बना चुके हैं। बीती 7 मार्च को एनआईए के हाथ आए इमरान को बंथर स्थित एवरेस्ट लेदर फैक्ट्री से गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ही उन्नाव एक बार फिर एनआईए की नजर में है। वर्ष 2008 में जौनपुर में हुए बम विस्फोट के आरोपी नूर आलम ने उन्नाव शहर कोतवाली क्षेत्र में रोडवेज वर्कशाप के पास बंद फैक्ट्री की नींव के नीचे एक किलो आरडीएक्स छिपाया था।

विस्फोट के बाद एटीएस ने नूर आलम को गिरफ्तार किया तो उसने इसका खुलासा हुआ। तब एटीएस आतंकी को उन्नाव लेकर पहुंची थी और उसकी निशानदेही पर घातक विस्फोटक बरामद किया था। वर्ष 2012 में स्पेशल जज जगदीश प्रसाद ने नूर आलम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। 5 फरवरी 2012 को दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने सात महीने से बांगरऊ के मदारनगर स्थित एक मदरसे में टीचर बकर रह रहे बशीर हसन नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया था।

शहर में जिन दो स्थानों पर  संदिग्ध आतंकियों के रात में ठहरने की पुष्टि हुई है उनमे से एक रेलवे स्टेशन बमुश्किल पचास कदम की दूरी पर है और दूसरी दरगाह पुलिस चौकी से महज दस कदम की दूरी पर है। हैरानी की बात यह है कि यहां पुलिस की आवजाही और दिनरात गश्त रहती है। किला पुलिस चौकी आने-जाने वाले रास्ते में ही वह शिया मस्जिद है जहां आतंकी सैफउल्ला और उसके साथी ठहरे थे।

फैक्ट्री कर्मियों व किरायेदारों का होगा सत्यपान
लेदर फैक्ट्री से आतंकी की गिरफ्तारी के बाद एसपी नेहा पांडेय ने जिले की सभी फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मियों और श्रमिकों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने थाना और चौकी इंचार्जों को किराएदारों का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। एसपी ने बताया कि सभी टेनरी, स्लाटर हाउस, स्टील फैक्ट्री, लेदर, स्टील समेत सभी फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों और कर्मियों का सत्यापन किया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति आपराधिक या आतंकी गतिविधियों में लिप्ता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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