रविवार शाम कोतवाली के दरोगा दिग्विजय सिंह यादव किशोरियों के भागने की जांच करने शहर के मोहल्ला सिविल लाइन स्थित महिला संवेदना अल्पावास गृह पहुंचे। यहां की अधीक्षिका विभा पांडेय के बयान दर्ज किए। दोनों संवासिन के भागने की सूचना देरी से देने की वजह जानीं।
अधीक्षिका बोलीं 23 मार्च की रात 10 बजे गिनती के बाद दो संवासिन कम मिलीं। जिस पर पति शशिभूषण पांडेय रात में ही कोतवाली पहुंचे और मुंशी जगराम यादव को तहरीर दी। विवेचक ने पूछा तहरीर दी तो रिसीविंग मिली। रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई तो दूसरे दिन सुबह कोतवाली में इसकी जानकारी की। पुलिस के किसी उच्चाधिकारी को इस बात से अवगत कराया। इन सवालों पर अधीक्षिका चुप रहीं।
विवेचक बोले घटना की रात से ही मामले में गंभीर होतीं तो संवानियों को जल्द खोजा जा सकता था। कहीं न कहीं बड़ी लापरवाही की गई। बता दें कि पुरवा और बिहार थाना क्षेत्र से प्रेमियों के साथ भागीं दो किशोरियों को पुलिस ने मशक्कत के बाद बरामद कर महिला अल्पावास भेजा था।
23 मार्च की रात पानी पीने के बहाने दोनों चुपके से आंगन पहुंची और चकमा देकर गेट की दीवार से कूदकर भाग गईं। पुरवा की किशोरी को बरामद न करने का पहले ही उसके घरवाले पुलिस पर आरोप लगा चुके है। मामले में तत्कालीन और वर्तमान के दो पुलिस अधिकारियों को हाईकोर्ट में भी पेश होना पड़ा था।
संवेदना महिला अल्पावास की अधीक्षिका विभा पांडेय ने बताया कि बिल्डिंग में दो हाल बने हैं। जिसमें 30 संवासिन को रखने का मानक है। वर्तमान में 25 संवासिन रह रहीं थीं। इनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उनके और यहां के चौकीदार के पास है। 25 लड़कियों को संभालना बहुत कठिन होता है। अधीक्षिका ने कहा कि दोनों किशोरियां मिलती भी है तो भी उन्हें यहां नहीं रखेंगे।
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रिपोर्ट दर्ज कराने से मना किया
कोतवाली के दीवान जगराम यादव ने बताया कि 23/24 मार्च की रात संवेदना अल्पावास गृह की अधीक्षिका के पति शशिभूषण पांडेय एक शिकायती पत्र लेकर आए थे। उन्होंने बताया था कि दो संवासिन भाग गईं हैं जिसकी जांच प्रोवेशन अधिकारी कर रहीं हैं । अभी शिकायती पत्र दे रहा हूं। रिपोर्ट बाद में दर्ज कराऊं गा। दीवान ने बताया कि प्रार्थनापत्र मिलने की जानकारी उच्चाधिकारियों को उसी समय दे दी थी।
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कौन सच्चा, कौन झूठा
जहां एक ओर कोतवाली का दीवान रिपोर्ट दर्ज न करा महज अप्लीकेशन देने की बात कह रहा है वहीं जिला प्रोवेशन अधिकारी श्रुति शुक्ला ने पुलिस पर रिपोर्ट दर्ज न करने का आरोप लगाया है। बताया कि अधीक्षिका ने घटना के तीसरे दिन मामले की जानकारी दी। जिस पर शनिवार को विभाग के संरक्षक अधिकारी संजय मिश्र को जांच के लिए भेजा। संजय ने बताया कि पुलिस मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है। एसपी नेहा पांडेय से इस संबंध में बात की तो रिपोर्ट दर्ज की गई है। दीवान और जिला प्रोवेशन अधिकारी के अलग-अलग बयान कहीं न कहीं लापरवाही बरते जाने के संकेत देते रहे।
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एसपी बोलीं लापरवाही पर होगी कार्रवाई
संवेदना अल्पावास से दो किशोरियों के भागने का मामला संज्ञान में आया है। घटना के तीन दिन बाद मामले की रिपोर्ट दर्ज हुई है। रिपोर्ट दर्ज करने में पुलिस को इतनी देरी कैसी लगी। सूचना देर से दी गई या फिर कोतवाली पुलिस ने लापरवाही बरती। इसकी जांच कराई जाएगी। पुलिस कहीं से भी दोषी पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। नेहा पांडेय, एसपी