असलहों के बारे में जानकारी देतीं एसपी नेहा पांडेय।
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शहर कोतवाली पुलिस के हाथ लगी असलहा फैक्ट्री का संचालन रेलवे कर्मी अपने घर पर कर रहा था। कारोबार से वह और उसके साथी ठाठ में जीवन गुजार रहे थे। रेलवे कर्मी जैतीपुर स्टेशन पर गेटमैन के पद पर तैनात है। पकड़े गए छह आरोपियों में एक के पास से बरामद हुई बाइक की कीमत 1.10 लाख रुपये है। पुलिस आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगालने में जुटी है।
शहर कोतवाली प्रभारी संजय पांडेय को सोमवार को मुखबिर से सूचना मिली कि शहर में बाबूगंज रेलवे कालोनी निवासी रेलवे कर्मी सोनेलाल के घर में असलहा फैक्ट्री चल रही है। उन्होंने किला चौकी प्रभारी मो. अजीम, दही चौकी प्रभारी दयाशंकर दुबे, सिविल लाइन चौकी प्रभारी योगेश दीक्षित, सिपाही रफ्फन व अन्य फोर्स के साथ बताई गई जगह पर छापेमारी की तो रेलवे कर्मी उनके हाथ लग गया। पुलिस ने उसके घर के पीछे झाड़ियों में सात तमंचे, कारतूस, कुछ अधबने तमंचे और उपकरण मिले।
पुलिस ने असलहों को कब्जे में लेकर आरोपी सोनेलाल से पूछताछ की तो उसने बताया कि सदर कोतवाली के गजौली गांव निवासी भग्गा उसका साझीदार है। इसके साथ ही उसने राजा निवासी नरेंद्रनगर, विशाल निवासी लोकनगर व जुबैर निवासी एबीनगर को भी कारोबार में शामिल होना बताया। पुलिस ने छापेमारी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी राजा के पास से पुलिस को 1.10 लाख कीमत की बाइक बरामद हुई। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि अवैध कारोबार के जरिए आरोपी ठाठ-बाट से जीवन यापन कर रहे थे। इसी कारोबार से यह बाइक खरीदी गई। आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगालने के साथ इस बात का पता लगाया जा रहा है कि वह तमंचों की सप्लाई कहां करते थे। कप्तान नेहा पांडेय ने खुलासा करने वाली टीम को 5 हजार रुपये का ईनाम देकर पीठ थपथपाई है।