असोहा ब्लाक की ग्राम पंचायत मलिहागाढ़ा में कोटा चयन के लिए हो रही खुली बैठक में दो पक्षों में कहासुनी हो गई। इसके बाद विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों में ईंट-पत्थर चलने लगे। जिसमें दोनों पक्ष से आठ महिलाएं व दो अन्य सहित 10 लोग घायल हो गए।
बवाल और पथराव के बीच एडीओ पंचायत समेत अन्य अधिकारी छिपते हुए बैठक स्थल से भागे। आक्रोशित ग्रामीणों ने मौरावां-मोहनलालगंज मार्ग पर जाम लगा दिया। पुलिस के काफी समझाने के बाद मामला शांत हुआ। एडीओ पंचायत ने दूसरे दिन खुली बैठक बुलाने की बात कहकर बैठक स्थगित कर दी।
ग्राम पंचायत मलिहागाढ़ा में कोटा चयन को लेकर प्राथमिक स्कूल में खुली बैठक एडीओ पंचायत रविशर्मा की अध्यक्षता में की गई। कोटे के लिए साहबदीन उर्फ सुंदर, धर्मेंद्र, रामविलास व शंकरलाल ने आवेदन किया। एक बजे तक आवेदन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद स्कूल का गेट बंद कर दिया गया। चयन प्रक्रिया के लिए काम शुरू होने जा ही रहा था कि गेट के बाहर खड़े दूसरे पक्ष के रामबिलास व उनके साथी स्कूल के अंदर जबरन घुसने लगे।
जिसका अंदर बैठे लोगों ने विरोध किया तो यहीं मौजूद साहबदीन पक्ष के लोगों ने राम बिलास पक्ष के एक व्यक्ति से गाली-गलौज कर दी। इससे माहौल बिगड़ गया। दोनों ओर से ईंट-पत्थर चलने लगे। मामला बढ़ता देख एडीओ पंचायत रवी शर्मा, वीडीओ पवन मौर्य, जेईएमआई आनंद कुमार व ग्राम प्रधान होरीलाल मौके से भाग निकले।
पत्थर चलने से राजदुलारी, लक्ष्मी, आशा, उर्मिला, केशरानी, रामसागर, रामू, रामरानी, गोलाना व कोमल को चोटें आईं। चयन न होने से नाराज साहबदीन पक्ष के लोगों ने मौरावां-कालूखेड़ा मार्ग पर जाम लगा दिया और प्रशासनिक अधिकारी को बुलाने की मांग पर अड़ गए। पत्थर चलने व जाम लगाने की सूचना पर एसओ जेएन सिंह मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर मामला शांत कराया तब जाकर यातायात सामान्य हो सका। इस दौरान लगभग दो घंटे तक जाम लगा रहा।