शहर के मोहल्ला तालिब सराय निवासी आरिफ उर्फ रानू (28) मौजूदा समय शहर के मोहल्ला कांशीराम में पत्नी आमना व चार साल के बच्चे के साथ रह रहा था। वह आटो चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। चार सितंबर को शुक्लागंज के मरहला चौराहे पर गंगा बैराज की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार ने उसके आटो में टक्कर मार दी थी। टक्कर लगने से आटो पलट गया। जिसमें चालक आरिफ समेत चार लोग घायल हुए थे। आरिफ को परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। जिला अस्पताल में डाक्टर ने हालत गंभीर देख उसे हैलट रेफर कर दिया था। मृतक की पत्नी आमना का आरोप है कि जिला अस्पताल में मौजूद एक दलाल कर्म खर्च में इलाज का झांसा देकर उसे शहर के मोहल्ला शेखपुर स्थित एक नर्सिंगहोम ले गया। इलाज के दौरान मंगलवार शाम नर्सिंगहोम में आरिफ की सांसें थम गईं। आमना का आरोप है कि पति की मौत के बाद भी जीवित बता नर्सिंगहोम संचालक ने हैलट रेफ र कर दिया। हैलट ले जाने पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पत्नी ने गलत इंजेक्शन से पति की मौत का आरोप लगाया है। मृतक के परिजनों ने बुधवार को नर्सिंगहोम के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा किया। सड़क पर भीड़ जमा होने से जाम के हालात बन गए। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कराने की बात कह परिजनों को शांत किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पति की मौत से पत्नी आमना व परिजनों का रोरोकर बुरा हाल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि देर शाम तक मृतक के परिजनों और नर्सिंगहोम संचालक के बीच सुलह-समझौते को लेकर बातचीत चलती रही।