उन्नाव। औरास थानाक्षेत्र में की गई युवक की हत्या की घटना का पुुलिस ने खुलासा कर दिया है। अवैध संबंधों के चलते युवती के भाई ने 55 हजार रुपये की सुपारी देकर युवक की हत्या कराई। पुलिस ने युवती के भाई समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है जबकि मुख्य सुपारी किलर अभी पुलिस के हाथ नहीं लग सका है।
पांच दिन पहले आसीवन थानाक्षेत्र के ऐनीखुर्द गांव निवासी प्रशांत पांडेय (24) पुत्र विनोद पांडेय की औरास थानाक्षेत्र के उदेतखेड़ा गांव के पास हत्या कर दी गई थी। उसका शव एक खेत में मिला था। घटना का तफ्तीश कर रही आसीवन थाना पुलिस और स्वाट ने हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
एसपी एमपी सिंह ने बताया कि मृतक प्रशांत के गांव की ही एक युवती से काफी समय से अवैध संबंध थे। युवती का भाई इसका विरोध करता था मगर प्रशांत के दबंग किस्म होने के कारण विरोध नहीं कर पा रहा था।
उन्होंने बताया कि युवती के भाई ने अपने दोस्त रामनरेश को प्रशांत पांडेय से परेशान होने और बदनामी के चलते उसकी हत्या करने की मंशा जाहिर की। इसके बाद रामनरेश ने लखनऊ के रहने वाले एक भाड़े के हत्यारे से जान पहचान होने की बात बताई। 55 हजार रुपये में सौदा तय हुआ।
युवती के भाई ने रामनरेश को 20 हजार रुपये एडवांस दे दिए। इसके बाद रामनरेश ने लखनऊ जिले के माल थानाक्षेत्र वीरपुर गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर पुतान को प्रशांत की हत्या की सुपारी दी। पुतान ने इसी थानाक्षेत्र के आबिद नगर निवासी चंद्रभान को आधी रकम देने का वादा कर अपने साथ शामिल कर लिया।
चंद्रभान के मुताबिक वह दोनों प्रापर्टी डीलर बनकर प्रशांत से मिले और अजगैन थानाक्षेत्र के डहरौली गांव स्थित चार बीघा विवादित जमीन खरीदने की मंशा जाहिर की। शनिवार को जमीन दिखाने के बहाने अपने साथ लेकर गए। जमीन दिखाने के दौरान जमीन पर अपना दावा कर रहे रिश्तेदारों से प्रशांत का विवाद भी हुआ था।
वापस लौटकर उन्होंने प्रशांत और उसके साथ गए रामऔतार को मियागंज चौराहा के पास शराब पिलाकर नशे में धुत कर दिया। गांव छोड़ने के बहाने पुतान ने प्रशांत को अपनी बाइक पर बैठाया और चंद्रभान ने रामऔतार को बैठा लिया। गिरफ्तार चंद्रभान के मुताबिक वह गांव के पास पहुंचा था तभी पुतान ने वापस लौटने को कहा। इसके बाद दोनों ने पूर्व नियोजित स्थान पर ले जाकर प्रशांत की जंजीर से गला कसकर मौत के घाट उतार दिया।
आसीवन थानाध्यक्ष केके यादव और स्वाट प्रभारी हरिभान सिंह ने युवती के भाई के अलावा रामनरेश और चंद्रभान को गिरफ्तार कर लिया जबकि पुतान अभी फरार है। एसपी महेंद्र पाल सिंह ने घटना के खुलासे के लिए स्वाट प्रभारी और आसीवन थानाध्यक्ष की पीठ थपथपाई। टीम में एसआई सुरेश शुक्ल, मुकेश बाबू, स्वाट टीम के शिवमणि यादव, रामप्रकाश, रोहित शर्मा, देवी यादव, विवेक राणा, संजय सिंह और शिशिर गुप्ता शामिल रहे।