शहर के मोहल्ला पीतांबर नगर निवासी राजकुमार वर्मा (30) रविवार को माखी गांव निवासी अपने साढ़ू छोटेलाल के बेटे रमेश की बारात में सफीपुर कोतवाली के गौरी दुगौरा गांव गया था। रात में शादी की रस्में पूरी हुईं और सुबह विदाई की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान सुबह करीब छह बजे राजकुमार शौच के लिए गांव के बाहर चला गया। वह गौरी-पीखी मार्ग से उतर कर तालाब की तरफ जा रहा था। तभी रास्ते में टूटे पड़े हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया। रास्ते से निकल रहे लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक हालत बिगड़ चुकी थी। सूचना पर ग्राम प्रधान ब्रजेंद्र यादव मौके पर पहुंचे और सफीपुर विद्युत उपकेंद्र को घटना की जानकारी देकर आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद राजकुमार को तार से अलग किया, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। सूचना पर सफीपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटना स्थल का निरीक्षण करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि राजकुमार की शादी करीब चार साल पहले हुई थी। घटना के बाद से पत्नी आरती और तीन साल के बेटे शुभम का बुरा हाल है। मृतक के पिता रमेश ने बताया कि राजकुमार बंथर स्थित एक टेनरी में इलेक्ट्रिीशियन का काम करता था।
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छह महीने से जमीन पर पड़ा था तार
ग्राम प्रधान ब्रजेंद्र यादव ने बताया कि करीब छह महीने पहले पीखी से दुगौरा गांव के लिए विद्युत लाइन डाली जा रही थी। कनेक्शन के लिए आवेदन पूरे न होने के कारण बिजली विभाग ने काम बीच में ही रोक दिया था। तभी से यह तार सड़क किनारे पड़ा था। उन्होंने बताया कि तार में कभी करंट नहीं आता थे, लेकिन आज करंट दौड़ गया और राजकुमार की मौत का कारण बन गया। ग्राम प्रधान का आरोप है कि कई बार लिखित व मौखिक शिकायत करने के बाद भी विद्युत विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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जेई बोले, कटिया लगाने वाले हैं जिम्मेदार
विद्युत विभाग के जेई रामदास ने बताया कि यह लाइन अनुपयोगी थी। कनेक्शन न होने से दुगौरा गांव की लाइन को हटा दिया गया था और पीखी से जंफर खोल दिए गए थे। जेई इस घटना में अपनी या विभाग की लापरवाही पर पर्दा डाल कर पीखी आसपास के अन्य ग्रामीणों को घटना के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं। उनका कहना है कि किसी ने कटिया लगाने में गलती की, जिससे इस लाइन में एलटी लाइन का करंट आ गया और युवक की मौत हो गई।