इससे सारा सामान भी जल गया। ग्रामीणों ने मशक्कत कर किसी तरह आग बुझाई। बुरी तरह झुलसी वृद्धा को परिजन स्वास्थ्य केंद्र ले जाने लगे, लेकिन तब तक उसने दम तोड़ दिया। रनागढ़ी निवासी नजीरन (65) पत्नी स्व. नन्हकू रविवार रात घर पर सो रही थी। रोशनी के लिए कमरे में चिराग रख दिया था। रात में किसी समय चिराग महिला पर गिर गया। चिराग से बिस्तर में आग लग गई। कुछ ही देर में लपटों ने पूरे घर को चपेट में ले लिया। नजीरन की चीख-पुकार सुन दूसरे कमरे में सो रही बेटी शकीलाबानो ने मां को आग से बचाने का प्रयास किया। इससे वह भी झुलस गई। आनन-फानन ग्रामीणों ने मशक्कत कर आग पर काबू पाया और शकीलाबानो को सीएचसी सफीपुर में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया। ग्राम प्रधान श्रीकृष्ण सिंह ने अग्निकांड की सूचना हसनगंज तहसील प्रशासन को दी। सोमवार सुबह कानूनगो कुलदीप सिंह व लेखपाल विकास अवस्थी मौके पर पहुंचे और जांच की। लेखपाल विकास ने बताया कि दस हजार रुपये नगदी जलने के साथ ही छप्पर, बक्से के अलावा अन्य सामान जल गया। उन्होंने लगभग एक लाख रुपये नुकसान का अंदेशा जताया है। शकीलाबानों ने बताया कि उसकी एक बहन हजीरा है। दोनो की शादी हो चुकी है। मां के अकेले रहने के कारण छह-छह महीने दोनों बहने रहती हैं। उसने बताया कि वह बेटे अरम के साथ दूसरे कमरे में सो रही थी। आग की लपट व मां की चीख सुन उसकी आंख खुली तो देखा मां नजीरन चारपाई के नीचे पड़ी थी वह गंभीर रूप से झुलस गई थी। आग बुझाने के बाद उसे स्वास्थ्य केंद्र ले जाने लगे लेकिन तब तक उसने दम तोड़ दिया।