बताते चलें कि थाना क्षेत्र के हाजीपुर गोसा गांव निवासी रामसेवक का 20 दिन पहले अपहरण हो गया था। शनिवार को अपहर्ताओं ने रामसेवक के बड़े भाई आजाद को फोन कर दोपहर एक बजे आलमनगर लखनऊ में मिलने को बुलाया। आजाद गांव के रामखेलावन के साथ बाइक से लखनऊ के लिए निकला। आलमनगर पहुंचकर वह अपहर्ताओं के फोन का इंतजार करने लगा। रात आठ बजे उसके पास फिर से फोन आया। इस बार अपहर्ताओं ने उसे लखनऊ में ही अंधे की चौकी के पास आने को कहा। आजाद व साथी बाइक से वहां भी पहुंच गए। रात 11 बजे तक वह अंधे की चौकी के पास मौजूद रहकर इंतजार करता रहा। घंटों इंतजार करने के बाद जब वहां कोई नहीं पहुंचा और न ही किसी का फोन आया तो वह बाइक से घर के लिए लौट पड़ा। बांगरमऊ-लखनऊ मार्ग पर आसीवन थानाक्षेत्र के आवागोझा के पास उसकी बाइक सड़क किनारे खड़े लोडर में पीछे से जा घुसी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आजाद के साथ गए रामखेलावन ने औरास पुलिस को हादसे की जानकारी दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल आजाद और उसके साथी रामखेलवान को ट्रामासेंटर लखनऊ पहुंचाया। जहां आजाद को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। छोटे भाई के अपहरण से दु:खी परिजनों को जैसे ही आजाद के मौत की सूचना मिली घर में कोहराम मच गया।
इंसेट-1
अपह्त युवक खुद शक के घेरे में-एसपी
रामसेवक के अपहरण की कहानी में छेद ही छेद नजर आ रहे हैं। ट्रेस किए गए मोबाइल नंबरों से अपह्त युवक खुद शक के घेरे में है। घटना की तफ्तीश तेजी के साथ की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा कर लिया जाएगा। नेहा पांडेय, एसपी