शनिवार को किशोरी की हत्या कर शव दफनाने की अफवाह पर एसपी को लखनऊ के आलाधिकारियों की खरी-खोटी सुननी पड़ी थी। जिसके बाद उन्होंने थाना पुलिस को कब्र से शव निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए थे। देर रात तक शव के पोस्टमार्टम की प्रकिया चलती रही। एसपी ने कहा है कि यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या जैसी बात सामने नहीं आई तो अफवाह उड़ाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सकतपुर गांव निवासी इलियाज की पुत्री यासमीन(13) की शुक्रवार रात संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए गांव के बाहर शव को दफना दिया था। शनिवार सुबह किसी ने थाना पुलिस को किशोरी की हत्या कर शव दफनाने की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतका की मां आसमां से जानकारी ली तो उसने बताया कि बेटी मानसिक बीमार थी। रोटी सेंकने की बात को लेकर उसे डांट दिया। जिस पर कमरे में जाकर उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया। जब तक उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी की जाती उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम में शव की दुर्दशा न हो इसके लिए बिना पुलिस सूचना के शव को दफना दिया। कुछ देर बाद लखनऊ के अधिकारियों ने इस घटना पर एसपी नेहा पांडेय से जवाब तलब किया। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शव को कब्र से निकलवा पोस्टमार्टम कराने के निर्देश थाना पुलिस को दिए। रविवार दोपहर हसनगंज एसडीएम प्रशांत भारती के निर्देश पर तहसीलदार राजेश कुमार चौरसिया, नायब तहसीलदार अल्काव खां, आसीवन एसओ रामलखन पटेल, एसओ औरास विनोद यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्र से बाहर निकलवा पोस्टमार्टम को भेज दिया। किशोरी के शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं मिला। कब्र से शव निकाले जाने पर ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल रहा। मौजूद ग्रामीणों ने पुलिस से मांग की कि इस तरह की अफवाह उड़ाने वालों को कतई न बख्शा जाए। एसपी नेहा पांडेय ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। यदि रिपोर्ट में हत्या जैसी बात सामने नहीं आई तो अफवाह उड़ाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।