आरोप है कि मुफ्त आपरेशन करने की जानकारी पर सर्जन भड़क गए और डिस्चार्ज का पर्चा थमा दिया। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने डीएम के न मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट से मामले में कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है
शहर के मोहल्ला कांशीराम निवासी माताप्रसाद पांडेय के 18 वर्षीय बेटे विकास को पेट में दर्द उठने पर 28 मार्च को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था। यहां सर्जन ने किडनी में पथरी होना बताकर आपरेशन की बात कहीं।
विकास व उसकी बहन प्रिया जायसवाल का आरोप है कि डॉक्टर ने इलाज के नाम पर दस हजार रुपये मांगे। पीड़ितों का कहना है कि उन लोगों ने रकम देने में असमर्थता जताकर सीएमओ से मिलकर फ्री ऑपरेशन का पर्चा बनवा लिया।
30 तारीख को डॉक्टर ने ऑपरेशन में लगने वाली जरूरी दवाएं भी मंगा लिया। जब सर्जन को सीएमओ की ओर से जारी फ्री ऑपरेशन का पर्चा दिखाया गया तो वह भड़क गए और तीमारदारों से अभद्रता कर उसे डिस्चार्ज कर दिया। पीड़ित विकास की बहन उद्योग व्यापार मंडल महिला मोर्चा की वार्ड महामंत्री हैं। डॉक्टर का बर्ताव देख उन्होंने नगर अध्यक्ष रेनू बाला कटियार और महामंत्री अर्चना मिश्र को इसकी जानकारी दी। जिस पर जिलाध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव के साथ सभी जिला अस्पताल पहुंचे और डॉक्टर के बर्ताव पर हंगामा काटा। सीएमएस व सीएमओ से मिलकर इसकी शिकायत की और प्रदर्शन करते हुए डीएम सौम्या अग्रवाल के कार्यालय पहुंचे। डीएम के न मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर डॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच करा कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। महिला मोर्चा की नगर अध्यक्ष रेनू बाला ने आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रदर्शन के दौरान संगीता गुप्ता, उर्मिला पांडेय, संगीता यादव, रश्मि श्रीवास्तव, प्रिया जायसवाल, संगीता गुप्ता, आरती गुप्ता, अंकिता निगम, राजकुमारी सिंह, उर्मिला पांडेय, माया देवी समेत कई महिलाएं शामिल रहीं।
इनसेट।
आपबीती बताते छलके आंसू
डॉक्टर की कारगुजारियां बताते पीड़ित विकास की बहन प्रिया सिसक उठी। बताया कि मां किरण विकलांग है। पिता मानसिक रूप से बीमार रहते है। भाई को दर्द से छटपटाता देख उसे लेकर जिला अस्पताल आई। क्या पता था कि यहां के डॉक्टर बिना रुपये लिए कोई काम नहीं करते। भाई की हालत ठीक नहीं है। उसका ऑपरेशन न हुआ तो कुछ भी हो सकता है। प्रीती ने प्रशासनिक व चिकित्साधिकारियों से मदद की गुहार लगाई है। उधर, भाई के इलाज में डॉक्टर की प्रताड़ना झेल रही बहन प्रीती को देख अन्य मरीज भी आक्रोशित रहे। सभी ने डॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। व्यापार मंडल महिला मोर्चा की सदस्यों ने कहा कि सरकारी डॉक्टर नर्सिंगहोम में प्रैक्टिस करते है। इलाज के नाम पर गरीब लोगों से रुपयों की मांग की जा रही है। यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्या बोले डॉक्टर
विकास को भर्ती करने वाले डॉक्टर ने बताया कि पहले मरीज का अल्ट्रासाउंड कराया गया। फिर एक्सरे। उसकी दोनों किडनी खराब है। गुर्दे में छोटे-छोटे कण हैं। जिनका ऑपरेशन यहां संभव नहीं है। एक्सरे रिपोर्ट के बाद जब यह बात सामने आई तो उसे कानपुर जाने के लिए कहा गया। जिस पर आरोप-प्रत्यारोप लगा हंगामा किया गया। रुपये मांगने का आरोप सरासर गलत है।