पुरवा। कोतवाली क्षेत्र के गांव रामापुर निवासी एक किसान से चार टप्पेबाजों ने खुद को भूमि सुधार कार्यालय का कर्मचारी बताकर 55 हजार रुपये की चपत लगा दी।
टप्पेबाजों के जाने के बाद जब किसान ने इसकी जानकारी अपने साथी को दी तो उसने मामले की जांच के लिए भूमि सुधार कार्यालय से संपर्क किया। जहां बताया गया कि इस तरह के काम के लिए विभाग से कोई भी कर्मचारी नहीं भेजा गया। इसके बाद किसान ने पूरे मामले की जानकारी पुरवा कोतवाली में दी है।
पुलिस ने बैंक में लगे सीसीटीवी की फुटेज निकलवाई है। कोतवाल ने मामले की जांच कर जल्द टप्पेबाजों को पकड़ने का आश्वासन दिया है।
रामापुर में रहने वाले पुत्तीलाल के यहां शुक्रवार की सुबह चार व्यक्ति पहुंचे। उन्होंने अपने आप को भूमि सुधार कार्यालय का कर्मचारी बताया और पुत्तीलाल से शनिवार को खेत में खुदाई करने की बात कही।
टप्पेबाजों ने बताया कि जिस मशीन से खेत की खुदाई होगी उसकी कीमत 14 लाख रुपये है इसलिए खर्च भी 55 हजार आएगा। टप्पेबाजों की बातों में आकर पुत्तीलाल उनके साथ बैंक चला गया और खाते से 55 हजार रुपये निकालकर टप्पेबाजों को दे दिए।
पैसा मिलने के बाद चारों टप्पेबाजों ने पुत्तीलाल से कहा कि वह इसकी जानकारी किसी को नहीं देगा। शक होने पर पुत्तीलाल ने गांव के ही सज्जन लोधी को इस बारे में बताया। सज्जन उसके साथ कोतवाली पहुंचे और घटना की तहरीर दी। तहरीर पर दरोगा एसके गोयल बैंक पहुंचे और शाखा प्रबंधक से बातचीत करने के बाद सीसीटीवी कैमरे के फुटेज भी देखे।
बैंक शाखा प्रबंधक राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि जिसका पैसा था वह स्वयं निकालकर ले गया है। इससे बैंक से कोई लेना देना नहीं है। लेकिन सीसीटीवी कैमरे से एक व्यक्ति की पहचान पीड़ित ने की है। इतना ही नहीं टप्पेबाजों की बाइक का नंबर भी नोट किया गया है।
कोतवाली प्रभारी आमोद रंजन चौधरी ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे से मिली फुटेज और बाइक नंबर से टप्पेबाजों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।