जिला जज विकार अहमद अंसारी ने गुरुवार को दहेज हत्या के मामले की अंतिम सुनवाई की। जिसमें पति, ससुर व दो देवरों को दस साल की सजा सुनाई गई। जिला जज ने सभी को 10-10 हजार का जुर्माना भी अदा करने का निर्देश दिया हैं।
बीघापुर थानाक्षेत्र के गांव विक्रमपुर निवासी रामबाबू ने सात अप्रैल 2012 को गंगाघाट थाने में दिए प्रार्थनापत्र में बताया था कि उसने अपनी बेटी गुड़िया की शादी थानाक्षेत्र के इंद्रानगर निवासी आनंद कुमार गौतम के साथ की थी। शादी के बाद से ही ससुरालीजन नगदी व बाइक की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करने लगे। आए दिन प्रताड़ना के बाद उसके पति आनंद कुमार गौतम, ससुर राजकुमार गौतम, देवरों अमित व अंशू ने मिलकर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने वादी की ओर से दिए गए प्रार्थनापत्र के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया। तभी से मामले की सुनवाई जिला जज की कोर्ट में चल रही थी। गुरुवार को मामले की अंतिम सुनवाई में जिला जज विकार अहमद अंसारी ने जिला शासकीय अधिवक्ता विनोद कुमार पाठक की ओर से पेश की गई दलीलों व तर्कों को गंभीरता से सुनने के बाद सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल की कैद व 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।