एक हिस्ट्रीशीटर ने जानवरों ने फसल चरवा देने का आरोप लगाकर अपने सौतेले बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात करके झाड़ियों में छिपे हिस्ट्रीशीटर को ग्रामीणों ने दबोच लिया और जमकर पीटा। पुलिस ने उसे मरणासन्न हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। पत्नी ने ही उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रविवार की यह घटना पुरवा कोतवाली क्षेत्र के बचरौली गांव की है। गांव के हरिशंकर उर्फ लाला (35) के पिता नन्हक्के की लगभग 20 साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। मां कमलेश कुमारी ने पति की मौत के दो साल बाद मेठौली गोसाईगंज लखनऊ निवासी राजकिशोर उर्फ शेरा से शादी कर ली। शेरा की आपराधिक गतिविधियों के कारण लाला और उसका छोटा भाई रामतीरथ व बहन श्रीमती पास ही अलग मकान में रहते थे। शनिवार रात मवेशियों ने धान की फसल को नुकसान पहुंचा दिया। इसके लिए राजकिशोर ने हरिशंकर को जिम्मेदार ठहराया। दोनों में तकरार होने लगी। यह देख मां कमलेश कुमारी ने दोनों को समझा-बुझाकर अलग कर दिया।
रविवार सुबह शेरा फिर से हरिशंकर के दरवाजे पर गालीगलौज करने लगा। हरिशंकर रिश्ते का मान रख बिना कुछ बोले खेत में जानवरों को बांधने चला गया। पीछे से शेरा भी साइकिल से वहां पहुंचा और हरिशंकर के सिर पर तमंचे की बट से हमलाकर लहूलुहान कर दिया फिर उसके पेट में सटाकर गोली मार दी। इससे हरिशंकर की मौके पर ही मौत हो गई। यह देख ग्रामीण शेरा को पकड़ने दौड़े तो उसने उन पर भी तमंचा तान दिया। ग्रामीणों के पीछे हटते ही वह जंगल के रास्ते ककौहना-कुड़हरी गांव के बीच नहर के पास झाड़ियों में छिप गया। कुछ देर बाद करीब पांच सैकड़ा ग्रामीणों ने घेराबंदी कर उसे दबोचकर जमकर पीटा। इस बीच आई पुलिस ने उसे भीड़ से छुड़ाया। पुलिस ने मरणासन्न हालत में शेरा को सीएचसी पहुंचाया। यहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
पुरवा कोतवाली प्रभारी श्रीकांत ने बताया कि शेरा पर हत्या, हत्या के प्रयास व आर्म्स एक्ट जैसे कई मामले दर्ज हैं। ग्रामीणों की पिटाई से उसकी हालत भी नाजुक है। ठीक होते ही उसे जेल भेजा जाएगा।