पेड़ों की बिक्री के बाद रुपयों के बंटवारे को लेकर विवाद में बेटे के सहयोग से सगे भतीजे की फावड़ा मारकर हत्या करने वाले आरोपी पिता-पुत्र को दस-दस साल के सश्रम कारावास की सजा कोर्ट ने सुनाई है। कोर्ट ने दोनों पर 11,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह घटना मार्च 2014 में सफीपुर के कोलवां गांव में हुई थी।
सफीपुर थानाक्षेत्र के कोलवा गांव निवासी प्रकाश ने आठ मार्च 2014 को थाने में दिए गए प्रार्थनापत्र में बताया था कि भाई नरपति से उसका यूके लिप्टस के पेड़ों की बिक्री के पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद के कारण उसका भाई नरपति व भतीजे संजय ने उसके ऊपर फावड़े से हमला बोल दिया। पिता को बचाने पहुंचे बेटे बृजमोहन पर भी दोनों ने हमला कर दिया। जिसमें बृजमोहन गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद बृजमोहन की इलाज के दौरान मौत हो गई।
जिस पर पिता प्रकाश ने अपने भाई नरपति व भतीजे संजय के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था। तभी से मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज नवम की कोर्ट में चल रही थी। मंगलवार को मामले की अंतिम सुनवाई में न्यायाधीश मो. रिजवानुलहक ने सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता मो. आफताब के पेश किए गए साक्ष्यों व दलीलों को ध्यान में रखते हुए आरोपियों को दोषी करार देकर 10-10 साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों पर साढ़े 11 हजार का जुर्माना भी लगाया है।