सिंडिकेट बैंक के सहायक मैनेजर के साथ लूट के मामले में कार सवार लुटेरों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पकड़े गए लुटेरों ने बड़ा खुलासा किया है। उनके गैंग में 12 से अधिक लोग हैं। लुटेरों ने कई अन्य वारदातें भी स्वीकारी हैं। लुटेरों की निशानदेही पर पुलिस ने लखनऊ से कई बदमाशों को भी उठाया है।
सिंडीकेट बैंक लखनऊ में कार्यरत सहायक मैनेजर राहुल पुत्र विजय कुमार को कानपुर घर आते समय सात अप्रैल को लखनऊ से वैन सवार लुटेरों ने बैठाया था। रास्ते में लुटेरों ने सहायक मैनेजर की जेब में एक हजार रुपये मिलने के बाद उनके दो एटीएम छीन लिए थे। इतना ही नहीं सहायक मैनेजर को कार में बंधक बना लिया था। अजगैन थानाक्षेत्र के नवाबगंज टोल टैक्स के पास टोल कर्मियों ने गाड़ी में मैनेजर को छटपटाते देखा था और लुटेरों को पकड़ा था।
पकड़े गए लुटेरों ने अपना नाम राहुल मिश्रा पुत्र ओमप्रकाश निवासी राजाजीपुरम लखनऊ व जावेद पुत्र स्व मकसूद निवासी भूसामंडी अमीनाबाद लखनऊ बताया था। पुलिस ने लूट का मुकदमा अज्ञात में दर्ज किया था, लेकिन अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस हरकत में आई और लुटेरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पूछताछ के दौरान लुटेरों ने कई वारदातों की बात स्वीकारी है। लुटेरों की निशानदेही पर पुलिस ने लखनऊ से चार लोगों को उठाया है। सीओ स्वतंत्र सिंह ने बताया कि यह सभी सवारियों को गाड़ी में बैठाकर उनके साथ लूट करते हैं। कई वारदातों को लुटेरों ने स्वीकारा भी है। जल्द ही अन्य घटनाओं का खुलासा किया जाएगा।