गंजमुरादाबाद। बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम हयातनगर भौरा में आयोजित बुद्ध कथा के दौरान दस-बारह लोग लाठी डंडा लेकर पहुंचेेे। उन्होंने जबरन कथा बंद कराने का प्रयास किया। आयोजकों ने वजह पूछी तो आक्रोशित हो गए। मंच पर तोड़फोड़ करने के साथ आयोजकों को पीटा। इस दौरान बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पलट गई। दबंगों ने कैलेंडर व पोस्टर फ ाड़ कर मेज कुर्सी पलट दी। अनुयायियों को भी लाठी डंडों से पीटा।
घटना के बाद गांव में तनाव है। सूचना पर एसडीएम व सीओ मौके पर पहुंचे। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन देते हुए बौद्ध अनुयायियों को शांत कराया गया। आयोजक मंडल के जसवंत ने घटना की तहरीर कोतवाली में दी। पुलिस ने घटना की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
ग्राम हयातनगर भौरा निवासी जसवंत पुत्र राजबहादुर ने बताया कि गांव में 12 से 16 मार्च तक बुद्ध कथा का आयोजन किया जा रहा था। शुक्रवार को समापन की तैयारियां हो रही थीं।
सुबह करीब 7 बजे गांव के दबंग महिपाल सिंह, किशनपाल सिंह, अतुल, टेनी, रंजीत व सुजीत आदि लाठी डंडा लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने बुद्ध कथा बंद करने के लिए कहा। आयोजक मंडल और श्रोताओं ने कथा समापन के बारे में बताया तो दबंगों ने मंच बैनर, पोस्टर व कैलेंडर फ ाड़ दिए। विरोध करने पर पंडाल में मौजूद आयोजक मंडल के जसवंत सिंह, राजकुमार, रामस्वरूप, शिवरानी व पूजा आदि को लाठी डंडों से पीट दिया।
यह कथा बंद करने का फ रमान सुनाकर चले गए। घटना की सूचना पर गांव और क्षेत्र से दलित समुदाय के सैकड़ों व्यक्ति मौके पर जमा हो गए। यह आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग करने लगे। सूचना पर उपजिलाधिकारी प्रदीप सिंह, क्षेत्राधिकारी अंबरीश सिंह भदौरिया भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इन्होंने आक्रोशित बौद्ध अनुयायियों को कड़ी कार्रवाई का भरोसा देकर शांत कराया। आरोप है कि पुलिस ने अपने ढंग से तहरीर लिखवाकर रिपोर्ट दर्ज कर ली। वहीं जनपद स्तर के दलित नेताओं का जमावड़ा शुरू हो गया है। गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
इंसेट-1
सुबह की घटना, शाम को एफआईआर
हयातनगर भौरा की घटना सुबह करीब 7:30 बजे की है। पुलिस दिनभर आयोजक मंडल के सदस्यों से अपने अनुसार अलग-अलग तहरीर लेती रही। शाम 7 बजे जसवंत की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने मारपीट में घायल किसी भी व्यक्ति का डाक्टरी परीक्षण नहीं कराया। दलित नेताओं ने कहा कि 24 घंटे में आरोपी गिरफ्तार नहीं किए गए तो समुदाय के लोग धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।