छापेमारी करते एआरटीओ प्रशासन एके त्रिपाठी।
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उन्नाव। एआरटीओ में पहले काम कराने को लेकर दो दलाल आपस में भिड़ गए। बात इतनी बढ़ गई कि गाली-गलौज के बीच हाथापाई शुरू हो गई। जिससे खिड़की नंबर पांच में लगा कांच टूट गया। शोरशराबे से कार्यालय में अफरातफरी मच गई। कंट्रोल की सूचना पर पुलिस पहुंचते ही कार्यालय में भगदड़ मच गई। उधर, सड़क तरफ बनी मार्केट में भी सन्नाटा पसर गया। एआरटीओ व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक भी दलाल हत्थे नहीं चढ़ा।
लखनऊ-कानपुर हाईवे स्थित उप संभागीय परिवहन कार्यालय में सोमवार सुबह करीब 11.30 बजे दो दलाल पक्षों के अलग-अलग युवक टेंपरेरी रजिस्ट्रेशन (खिड़की नंबर पांच) पर वाहन रजिस्ट्रेशन से संबंधित कागजों के लिए पहुंचे। इस दौरान पहले काम कराने को लेकर दोनों युवक (दलाल) आमने-सामने हो गए। कुछ ही देर में मामूली बातचीत हाथापाई तक पहुंच गई। जिससे खिड़की पर भगदड़ मच गई। शोर शराबा सुनकर एआरटीओ प्रशासन एके त्रिपाठी सुरक्षाकर्मियों के साथ जब तक मौके पर पहुंचे। तब तक दोनों गाली-गलौज करते हुए मुख्य गेट के बाहर निकल गए। इस बीच किसी ने कोतवाली पुलिस को मामले की सूचना दी। करीब डेढ़ बजे ललऊखेड़ा चौकी इंचार्ज जीतेंद्र सिंह पुलिस भारी बल के साथ एआरटीओ पहुंच गए। पुलिस देख दलालों में भगदड़ मच गई। इसके अलावा मुख्य गेट के दोनों छोर पर बनी मार्केट के शटर बंदकर लोग भाग खड़े हुए। इस दौरान एआरटीओ प्रशासन ने पुलिस टीम के साथ परिसर में आधे घंटे से अधिक चेकिंग अभियान चलाया। छापेमारी में पुलिस खाली हाथ रही। एआरटीओ प्रशासन एके त्रिपाठी ने बताया कि एक सप्ताह पहले कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्यालय में बाहरी युवकों की चहलकदमी की शिकायत की थी। शिकायत पर पुलिस टीम ने सोमवार दोपहर छापेमारी की। इस दौरान एक भी बाहरी युवक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। एआरटीओ ने मारपीट की घटना से इंकार किया।