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पंचायत की खुली बैठकों में हंगामा

Thu, 09 Jun 2016 12:41 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
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खुली बैठकों में लोग
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तीन विकासखंडों में कई ग्राम पंचायतों में एनएफएसए में शामिल किए गए नामों के सत्यापन के लिए बुलाई गई खुली बैठकों में जमकर हंगामा हुआ। बैठक में शामिल ग्रामीणों ने योजना में कई फर्जी पात्रों के नाम शामिल करने का आरोप लगाया। नोडल अफसरों के समझाने पर ग्रामीण शांत हुए।
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असोहा प्रतिनिधि के अनुसार, बुधवार को ग्राम पंचायत मझखोरिया में ग्राम विकास अधिकारी ने एनएफएसए सूची के लाभार्थियों के नाम पढ़ना शुरू किया तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए और 60 लोगों के नाम फर्जी बताकर हंगामा करने लगे। इस दौरान नोडल अधिकारी जेई आरईएस डीपी गुप्ता से ग्रामीणों ने बताया कि पात्र लोग जब राशन लेने जाते हैं तब लिस्ट में नाम न होने की बात कहकर वापस कर दिया जाता है। इस पर नोडल अधिकारी ने प्रधान शिवनारायण साहू को गांव में घूमकर पात्र लाभार्थियों का चयन करके लिस्ट दो दिन में देने को कहा जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए। इस दौरान मंत्री श्रीकांत, सुनील अवस्थी, जगमोहन यादव, राजेंद्र शुक्ला, रामजी शुक्ला, पप्पू खान, रमा यादव, टिंकू गौतम सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। इसी प्रकार बेहटा सुंभारी के कुछ नाम मिर्जापुर सुम्भारी में जोड़कर दोनों कोटेदारों ने जमकर खाद्यान्न की हेराफेरी की। मुबारकपुर में अधिकारी के न पहुंचने से ग्रामीणों में रोष रहा। मेदपुर, बचरौली, दरसवां में बिना सूचना और अधिकारियों की अनुपस्थित में प्रधानों व पंचायत मित्रों ने बैठक संपन्न करा ली। विकासखंड की दो ग्राम पंचायतों मझखोरिया और मझरिया के नाम मिलते-जुलते हैं। पूर्ति विभाग की मिलीभगत से इन गांवों के राशन विक्रेताओं ने अपने-अपने गांवों के लाभार्थियों के नाम एक-दूसरे के गांवों की लिस्ट में डलवा लिए। जिससे राशन की उठान तो बराबर होती रही लेकिन लाभार्थियों को लिस्ट में नाम न होना बताकर कोटेदार खेल करते रहे। इसका खुलासा खुली बैठक के दौरान हुआ। पुरवा के पूर्ति निरीक्षक अब्दुल नसीर ने बताया कि फ ीडिंग में साफ्टवेयर में कमी के चलते गलत फ ीडिंग में नाम गलत फ ीड हो गए हैं। पुरवा प्रतिनिधि के अनुसार, विकासखंड की ग्राम पंचायत भाटमऊ में खुली बैठक के दौरान हंगामा हो गया। गांव के सुभाषचंद्र ने किसी प्रकार की सूचना न दिए जाने का शिकायतीपत्र बीडीओ सौरभ भट्ट को दिया। इसी बात से खुन्नस खाए प्रधान के भतीजे सद्दाम व अन्य लोगों ने गांव के सुभाषचंद्र पर हमला बोल दिया। किसी तरह से अन्य ग्रामीणों ने मामला शांत कराया। बाद में सुभाष चंद्र ने मामले की शिकायत पुरवा कोतवाली में की। वहीं रामापुर धिरजीखेड़ा में भी बैठक नहीं हुई। अचलगंज प्रतिनिधि के अनुसार, बिछिया विकासखंड के शिवपुर में जिले से नोडल अधिकारी के न पहुंचने से बैठक ही निरस्त कर दी गई। पचोड्डा सरांय के ग्राम प्रधान शंकर दयाल अग्निहोत्री को भी गांव में खुली बैठक होने का पता नहीं चला।
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