11 सितंबर को शेखूपुर गांव निवासी राजेश पुत्र सुंदरलाल अपनी पत्नी वंदना को विदा कराने ससुराल गिरवरखेड़ा गया था। उसके साथ गांव का ही रणवीर सिंह था। ससुराल में कुछ देर रुकने के बाद रणवीर तो वापस आ गया लेकिन राजेश वहीं रुक गया। शाम तक जब वह वापस नहीं लौटा तो परिजनों ने पता करने की कोशिश की लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। 15 सितंबर को पिता सुंदरलाल ने थाने में बेटे की गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कराया। साथ ही ससुरालवालों पर बेटे की हत्या किए जाने की शंका जाहिर की थी। इस पर थानाध्यक्ष प्रदीप श्रीवास्तव ने ससुरालवालों पर शिकंजा कसा। पुलिस ने साले राहुल पुत्र राकेश निवासी गिरवरखेड़ा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस की कड़ाई के बाद राहुल ने अपने चचेरे भाई सोनू पुत्र श्यामलाल के साथ जीजा राजेश की हत्या किए जाने की बात स्वीकारी। राहुल का कहना था कि राजेश उसकी बहन वंदना को मारता-पीटता था। इसलिए उसने जीजा को मौत के घाट उतार दिया। राहुल के मुताबिक, राजेश जब रात में सो गया तो सोनू ने तकिया से उसक मुहं दबा दिया। साथ ही राहुल ने सिर पर ईंटों से तीन बार वार किया। इससे उसकी मौत हो गई।
तीन जगह बदला शव का ठिकाना
राजेश की हत्या के बाद साले राहुल व सोनू ने प्लास्टिक के बोरे में शव को भरकर दोनों ने कंधे पर लाद लिया और खेत में गाड़ आए। करीब एक सप्ताह बाद पुलिस खेतों में न पहुंच जाए इसलिए अपने खेत से निकालकर खड़वारी में रहने वाले पंडित के खेत में गाड़ दिया। जंगली जानवर कहीं शव को खोद न डालें जिससे घटना का खुलासा हो जाए इसलिए फिर शव को निकाला और शव नदी के बहते पानी में फेंक दिया था। कपड़ों में पैंट सईं नदी के किनारे गाड़ दिया था। पुलिस की पूछताछ में राहुल ने गड़े हुए कपड़े निकलवाए। मृतक राजेश के परिजनों ने कपड़ों से पहचान की।
बहन ने की थी लव मैरिज
मृतक राजेश व वंदना ने लव मैरिज शादी की थी। शादी के नौ साल में उसकेचार साल की बेटी शीतल हुई। शीतल शहर के पूरननगर मोहल्ले में रहने वाली बुआ सुमन के यहां रहती है। मृतक की बहन ने बताया कि राजेश की पत्नी वंदना को बेटी को भी रखने में परेशानी होती थी इसलिए भाई उसे साथ ले आया था।