आसीवन में पूर्व चेयरमैन के घर लाखों की चोरी, असोहा में प्रधान पति व उनके बेटे को गोली मारकर लूट साले- बहनोई ने मिलकर की थी। पुलिस ने शनिवार को इन तीनों मामलों का खुलासा किया। फतेहपुर निवासी दोनों आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।
इन दोनों ने उन्नाव सहित आसपास के जिले में कई अन्य वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की है। ऐसे में छह महीने पहले बारासगवर थानाक्षेत्र में हुई सराफा बंधुओं से लूट की घटना का पुलिस की ओर से किए गए खुलासे पर भी सवाल खड़ा हो रहा है।
जिले में हुई चोरी व लूट का खुलासा करने के लिए एसपी नेहा पांडेय ने थाना पुलिस के साथ स्वाट टीम को भी लगाया था। शनिवार को स्वाट टीम प्रभारी एनुद्दीन को गंगाघाट थाना क्षेत्र के देवाराघाट पुल के निकट दो संदिग्धों के खड़े की सूचना मिली। स्वाट टीम प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में युवकों ने अपना नाम पिंकू उर्फ मुस्तकीम व मुबीन पुत्र अनवर निवासी जहानाबाद फतेहपुर बताया। इतना ही नहीं दोनों के पास से लूटे गए माल के अलावा असलहे व कारतूस भी बरामद हुए। रिश्ते में साले- बहनोई लगने वाले युवकों से पूछताछ हुई तो उन्होंने असीवन थानाक्षेत्र के हैदराबाद के पूर्व चेयरमैन इंद्रदेव सिंह के घर हुई लाखों की चोरी की घटना शामिल होने की बात स्वीकार की।
पुलिस का दावा है कि दोनों ने असोहा थान ाक्षेत्र के कालूखेड़ा में प्रधानपति एवं व्यवसायी प्रेमशंकर दीक्षित के घर हुई लूट एवं पिता-पुत्र को गोली मारने की घटना में भी शामिल होने की बात स्वीकारी है।
एसपी नेहा ने बताया कि यह दोनों पेशेवर अपराधी हैं। घटना को अंजाम देने से पहले घर व मार्ग का नक्शा तैयार करते थे। इतना ही नहीं रेकी करने के बाद घटना को अंजाम देते थे। दोनों आरोपियों के पास से दो तमंचे, सात कारतूस व एक स्कूटी बरामद करने के साथ ही लूट का माल भी बरामद हुआ है।