दोस्त के साथ सतना जा रहे युवक का शव संदिग्ध हालात में बुधवार सुबह शहर के लोकनगर रेलवे क्रासिंग के पास ट्रैक पर पड़ा मिला। युवक के छोटे भाई ने रुपये के लेनदेन में हत्या की आशंका जताई है।
मौरावां थानाक्षेत्र के टोपरा निवासी दिलीप मिश्रा (35) पुत्र लक्ष्मीकांत मध्य प्रदेश के सतना में क्लीनिक चलाता था। पांच दिन पूर्व पिता के बीमार होने पर वह सतना से घर लौटा था। मंगलवार शाम उसे बीघापुर के धानीखेड़ा निवासी उत्तम के साथ वापस सतना जाना था। इसके लिए भांजा छोटू ने उसे मौरावां के बसहा चौराहे पर छोड़ दिया था। यहां से बस के जरिए वह उन्नाव आ गया। शहर में उत्तम उसका इंतजार कर रहा था।
उत्तम के अनुसार उन्हें मंगलवार शाम को चित्रकूट एक्सप्रेस से सतना जाना था। लेकिन ट्रेन तीन घंटे लेट हो गई थी। वह दोनों स्टेशन पर ही बैठकर ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। दिलीप टहलते हुए किसी काम से स्टेशन से बाहर चला गया और लौटा नहीं। कई घंटे बाद भी दिलीप के न लौटने पर उसने खोजबीन की लेकिन पता नहंी चला। उत्तम के मुताबिक रात में ही दिलीप के परिजनों को भी उसके स्टेशन से लापता होने की सूचना दी थी। इसके बाद उत्तम सतना न जाकर रात में घर चला गया। बुधवार सुबह उसे बताया गया कि उन्नाव शहर में लोकनगर रेलवे क्रासिंग के पास दिलील का शव मिला है।
उधर जीआरपी के मुताबिक मृतक दिलीप के शरीर में गंभीर चोटें हैं। उसका एक जूता ट्रैक के दूसरी ओर पड़ा था और कपड़े अस्तव्यस्त थे। जेब में मिले आईडीकार्ड से पहचान कर परिजनों को घटना की सूचना दी थी। बड़े भाई की मौत की सूचना पर पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे छोटे भाई सतीश कुमार ने हत्या की आशंका जताई है। उसके मुताबिक दिलीप का कुछ लोगों से रुपयों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। आशंका है कि या तो उसकी हत्या करने के बाद शव को रेलवे ट्रैक पर फेंका गया या फिर चलती ट्रेन से धक्का दिया गया है। हालांकि उसने अभी पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक दिलीप के हाथ, पैर व पीठ की कई हड्डियां टूटी की बात सामने आई है।