एनआईए व एटीएस की टीम ने सोमवार देर रात जालंधर से गिरफ्तार आतंकी जीशान उर्फ गाजी बाबा उर्फ मुजम्मिल के पैतृक घर पर दबिश दी। जीशान के पिता, चाचा व अन्य परिजनों से गहन पूछताछ की। सुबह गुपचाप उसके पिता व चाचा को लेकर टीम लखनऊ चली गई। सूत्रों के मुताबिक एटीएस जिले में बड़ा खुलासा करने की तैयारी में है।
मालूम हो कि 20 अप्रैल को जालंधर में जीशान उर्फ गाजी बाबा को एटीएस ने गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के बाद टीम ने सोमवार देर रात आसीवन थाना क्षेत्र के रसूलाबाद कस्बे के फिरोजनगर मोहल्ले में स्थित उसके पैतृक आवास पर दबिश दी। उसके पिता दिलशाद और चाचा नौशाद एवं परिवार के अन्य लोगों से घंटों पूछताछ की। इसके बाद तड़के दोनों को लेकर लखनऊ चली गई। टीम के दबिश देने की वजह से मोहल्ले में रात में ही हलचल रही, लेकिन कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं है।
एटीएस की टीम को दिलशाद ने बताया कि उसने करीब 10 दिन पहले हार्निया का आपरेशन कराया है तभी से गांव में रह रहा है। पूछताछ में टीम को पता चला कि करीब चार साल पहले जीशान के पिता दिलशाद जालंधर गए थे। वहां कपड़ों की सिलाई और जरदोजी का काम करने लगे। बांद में जीशान भी वहां चला गया।
मौसी के घर रहते वक्त जुड़ा आतंकी कनेक्शन
दिलशाद के जालंधर जाने के बाद जीशान उन्नाव शहर आ गया। यहां वह मोहल्ला कंजी निवासी अपनी मौसी के यहां रहने लगा। इसी दौरान उसका आतंकी कनेक्शन हुआ। बाद में वह भी जालंधर चला गया। वह करीब दो साल पहले जालंधर गया था। पहले कपड़े सिलाई में जुटा और बाद में लोगों को आईएस से जोड़ने लगा। इसी दौरान 20 अप्रैल को वह एटीएस के हत्थे चढ़ गया। सूत्रों के मुताबिक जीशान का का छोटा भाई सूफियान दुबई में है।
मोहल्ले में चुप्पी
जीशान के पिता दिलशाद और चाचा नौशाद को लेकर एटीएस व एनआईए टीम लखनऊ जा चुकी है, लेकिन मोहल्ले में अजीब सी शांति है। फिरोजनगर मोहल्ले में पहुंचने पर कोई भी बात करने को तैयार नहीं है। जीशान के बारे में पूछने पर लोग दरवाजा बंद कर लेते हैं।