उन्नाव। झोलाछापाें के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हसनगंज के बरहा में छापेमारी की। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बरहा में एक रजिस्टर्ड क्लीनिक में छापा मारा। यहां सहायक डाक्टर की अनुपस्थिति में मरीजों को दवा देता मिला।
इस पर क्लीनिक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार क्षेत्रीय स्वास्थ्य कर्मी क्लीनिक पर कई दिन से नजर बनाए थे। यहां डाक्टर की अनुपस्थिति में मरीजों का इलाज किया जा रहा था।
शासन के निर्देश पर जिले में झोलाछापाें के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। शुक्रवार को एसीएमओ डा. तन्मय कक्कड़ ने नीरज निगम के साथ हसनगंज के बरहा के एक क्लीनिक में छापा मारा।
एसीएमओ डा. तन्मय कक्कड़ के अनुसार जिस डाक्टर के नाम से क्लीनिक रजिस्टर्ड है, वह नहीं मिले। एक युवक मरीजों को दवा दे रहा था। एसीएमओ ने बताया कि उन्हें इस बात की कई दिनों से शिकायत मिल रही थी। इस पर क्लीनिक पर नजर रखी जा रही थी। डा. तन्मय कक्कड़ ने बताया कि डाक्टर के गायब रहने पर क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। क्लीनिक डा. केके यादव के नाम पर रजिस्टर्ड था।