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पुलिस टीम हमले के मामले में 173 लोगों पर रिपोर्ट

Sat, 04 Jun 2016 12:39 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
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क्षतिग्रस्त पुलिस की कार - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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किशोरी को बरामद करने पाल्हेपुर पहुंची कुशीनगर और स्थानीय पुलिस पर हमले के आरोप में पुलिस ने 23 नामित और 150 अज्ञात लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की है। जिस किशोरी को पुलिस बरामद करने पहुंची थी वह कुशीनगर से भागकर नहीं आई थी बल्कि उसके रिश्तेदार उसे 25 हजार में पाल्हेपुर गांव के एक युवक को बेच गए थे। पुलिस ने घायल दरोगा सिपाही समेत आठ लोगों का मेडिकल कराया है।
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बताते चलें कि गुरुवार की रात कुशीनगर पुलिस थाना फतेहपुर चौरासी पुलिस टीम की मदद से यहां के पाल्हेपुर गांव में एक किशोरी को बरामद करने पहुंची थी जहां ग्रामीणों ने पुलिस पार्टी पर हमला बोलकर जीप तोड़ दी थी। आरोपी इंद्रपाल के पिता बेचेलाल ने बताया कि आठ माह पहले किशोरी एक अज्ञात व्यक्ति के साथ आई थी। उसने खुद को किशोरी का चाचा बताया। पड़ोसी गांव भुलभुलियाखेड़ा निवासी एक अन्य युवक के माध्यम से उसने किशोरी को 25 हजार रुपये में खरीदा था। पिता की माने तो किशोरी उसके बेटे इंद्रपाल के साथ खुशी से रह रही थी। मार्च में किशोरी की मां पुलिस के साथ आई और उसे साथ लेकर चली गई। कुछ दिन बाद किशोरी भागकर आ गई और बेटे के साथ रहने लगी। 20 मई को कानपुर के  एक विवाह सम्मेलन में दोनों का विवाह करा दिया गया था।

छप्पर में आग लगा चकमा देकर भागी किशोरी
आरोपी इंद्रपाल के पिता बेचेलाल ने बताया कि पुलिस गुरुवार को किशोरी को बरामद करने पहुंची तो घर में कोई नहीं था। किशोरी पुलिस को देख छत पर चढ़ गई। पुलिस के साथ आई उसकी मां ने साथ चलने को कहा तो उसने इंद्रपाल के साथ शादी करने की बात कहते हुए घर न लौटने की बात कही। पुलिस जबरन उसे ले जाने के लिए छत पर चढ़ने लगी तो उसने छत पर रखे छप्पर में आग लगा दी। गांव के लोग आग की लपटें उठती देख आग बुझाने की कोशिश में जुटे तो छत से साड़ी के सहारे उतरकर किशोरी भाग गई। इसी बीच परिवार के लोग घर पहुंचे तो पुलिस इंद्रपाल को साथ ले जाने लगी। किशोरी ने इंद्रपाल को छुड़ाने की कोशिश की तो पुलिस उग्र हो गई। जिस पर ग्रामीणों ने पुलिस पार्टी पर हमला बोल दिया।
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इनसेट
173 लोगों पर में रिपोर्ट दर्ज
फतेहपुर चौरासी थाने के दरोगा मोईन अहमद ने बताया पुलिस पर हमला करने के आरोप में 23 नामित व 150 अज्ञात लोगों के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा, बलवा, जानलेवा हमले के  प्रयास समेत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। नामित आरोपियों में रामआसरे पुत्र कांशीराम, किसनू पुत्र बेचेलाल, खुशीराम पुत्र अच्छेलाल व भूपराम पुत्र गंगाराम को गिरफ्तार किया गया है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। एसओ मो. अशरफ ने बताया कि ग्रामीणों के हमले में घायल दरोगा शेष बहादुर सिंह, दरोगा मोईन, सिपाही विकास, अरविंद, किशोरी की मां रफीकुन्ननिसा, साथ आए प्रभुनाथ सिंह, नबीर अंसारी व जोगेंद्र समेत आठ लोगों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। आरोपियों को पकड़ने के  लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।

इनसेट
जिससे होनी थी शादी उसी पर बेचने का शक
किशोरी की मां ने बताया कि उसके गांव में एक युवक रहता है। युवक के साले के साथ उसने बेटी का रिश्ता तय किया था। शादी होने से पहले ही बेटी लापता हो गई। उसने गांव के ही युवक और उसके साले के विरुद्ध बेटी का अपहरण करने और उसे बेच देने का आरोप लगाया है। एसओ मो. अशरफ ने किशोरी की खरीदफरोख्त की बात से इंकार किया है।
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