आईजी जोन ए सतीश गणेश ने बताया कि विनोद ने खुद ही अपने अपहरण की साजिश रची थी। खुद के फंसने के डर से उसके साथियों ने उसे मार डाला। इस सिलसिले में मृतक के साले समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। परिजनों ने पुलिस की इस कहानी को सिरे से खारिज किया और बुधवार को लगभग पांच सौ ग्रामीणों के साथ औरास कस्बे के संडीला-उन्नाव मार्ग पर विनोद का रख कर जाम लगा दिया। शाम साढ़े पांच बजे से शुरू हुआ जाम रात 11 बजे तक नहीं खुला था। परिजनों का कहना है कि घटना की सीबीआई जांच का आश्वासन मिलने तक वे यहां से हटेंगे नहीं। वे डीएम-एसपी को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे।
औरास थाना क्षेत्र के हाजीपुर गोसा निवासी विनोद (28) पुत्र शिवकुमार 4 अप्रैल को किसी काम से लखनऊ गया था। तीन दिन तक घर नहीं लौटा। चौथे दिन किसी ने बड़े भाई आजाद को फोन कर विनोद को अगवा करने की जानकारी देकर एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। आजाद ने औरास थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस विनोद व उसके दोस्तों पर ही अपहरण का नाटक रचने की आशंका जताती रही। इस बीच आजाद के पास अपहर्ताओं ने कई बार फोन किया तो एसओ विनोद यादव ने सर्विलांस की मदद से अपहर्ताओं के फोन को ट्रेस करने की कोशिश शुरू की। 23 अप्रैल की सुबह अपहर्ताओं ने आजाद को लखनऊ के दुबग्गा इलाके में फिरौती की रकम लेकर आने की बात कही। एसओ और स्वॉट टीम ने अपहर्ताओं को पकड़ने का जाल बिछाया और कुछ रुपये व सामान बैग में रखकर आजाद को लखनऊ के लिए भेजा। आजाद गांव के एक साथी के साथ बाइक से सुबह आठ बजे निकला। आजाद के पीछे पुलिस भी निकल पड़ी। अपहर्ताओं को पुलिस के आने की भनक लग गई तो उन्होंने आजाद को फोन कर कई स्थानों के चक्कर कटवाए। अपहर्ताओं के सामने न आने पर आजाद बाइक से घर को निकल पड़ा। बीच रास्ते में सड़क किनारे खड़े लोडर में उसकी बाइक जा घुसी, जिसमें आजाद की मौके पर मौत हो गई थी।
फिरौती की रकम न मिलने पर अपहर्ताओं ने विनोद की हत्या कर दी। मंगलवार सुबह लखनऊ के मलिहाबाद थाना क्षेत्र के बंशीगढ़ी का मजरा यादवखेड़ा गांव निवासी डींगुरपाल के आम के बाग में उसका शव गमछे से लटका मिला। हाथ पर नाम गुदा होने से शिनाख्त हो गई। उसके सिर और चेहरे पर धारदार हथियार से गोदने के निशान थे। पुलिस से जानकारी मिलते ही घरवाले मलिहाबाद को निकल गए। विनोद की हत्या के बाद हरकत में आई उन्नाव पुलिस ने मलिहाबाद के रहीमाबाद इलाके में रहने वाले उसके साले समेत तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। इनमें कस्बा रहीमाबाद में मोबाइल शॉप का मालिक वसीम भी शामिल है। तीनों से पूछताछ के साथ चार अन्य लोगों की सरगर्मी से तलाश शुरू की गई है।
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फंसने के डर से साथियों ने मार ़डाला-आईजी
आईजी जोन ए सतीश गणेश ने बताया कि विनोद के अपहरण व हत्याकांड का जल्द ही खुलासा कर लिया जाएगा। पड़ताल में पता चला है कि विनोद शराब पीता था और बुरी सोहबत में पड़ गया था। इससे वह तंगहाल रहता था, जबकि पिता व बड़े भाई व्यापार में अच्छी कमाई कर रहे थे। मोटी रकम ऐंठने के इरादे से विनोद ने अपने साले के साथ मिलकर खुद के अपहरण की साजिश रची थी। साजिश में शामिल साले व साथियों की उसके परिवारीजनों की गतिविधियों पर नजर रहती थी। उन्हें पता रहता था कि बड़ा भाई आजाद फिरौती की रकम के बजाय बैग में कुछ रुपये व रद्दी कागज रखकर निकला है और पुलिस कुछ दूरी बनाकर साथ चल रही है। सड़क हादसे में 23 अप्रैल की रात आजाद की मौत के बाद खेल बिगड़ता नजर आया। साथियों को लगा कि पुलिस के हाथ लगने पर विनोद उन्हें फंसा देगा। रकम मिलने के कोई आसार नजर न आने पर साथियों ने हत्या करके उसका शव लटका दिया।