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असोहा में पांच साल की बच्ची की पटक कर हत्या

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घटना स्थल पर मौजूद पुलिस व भीड़। - फोटो : amar ujala
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अमर उजाला ब्यूरो
असोहा/उन्नाव। घर के बाहर खेलते समय लापता हुई पांच साल की बच्ची का शव करीब 48 घंटे बाद घर से करीब पचास मीटर की दूरी पर एक खाली प्लाट की चहारदीवारी से लटका मिला। नाक और माथे पर चोट के निशान हैं। खून भी बहा है।

बच्ची की पटककर हत्या करने का अनुमान है। कपड़े अस्तव्यस्त होने से कई तरह की चर्चाएं हैं। पानी भरने गई पड़ोस की एक किशोरी ने शव देखा। इसके बाद ग्रामीणों को जानकारी हुई। ब्लाक प्रमुख मौके पर पहुंचे। पुलिस को सूचना दी गई।  काफी देर बाद पीआरवी (डायल 100) पहुंची। पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी।
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पुलिस की लेटलतीफी और जांच न किए जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। एक घंटे बाद एएसपी, दो सीओ और कई थानों की फोर्स पहुंची। जांच के लिए फील्ड यूनिट और डाग स्क्वायड को बुलाया गया।

देर शाम आठ बजे एसपी भी घटना स्थल पहुंचीं। उन्होंने तीन दिन में खुलासे का आश्वासन दिया। तब ग्रामीण शांत हुए। पुलिस को शक है कि गुरुवार शाम को ही बच्ची की हत्या कर दी गई। हत्यारा शव को छिपाए रहा। दुर्गंध आने पर हत्यारे ने शव को प्लाट में फेंका है। एसपी का कहना है पास में ही शराब ठेका है। यह किसी शराबी की हरकत हो सकती है।

असोहा थानाक्षेत्र के कांथा गांव निवासी रामचंद्र रैदास की बेटी खुशी (6) गुरुवार शाम को घर के बाहर खेलते समय लापता हो गई थी। परिजनों ने काफी तलाश की, कहीं पता नहीं चला। शुक्रवार को रामचंद्र ने असोहा थाने में सूचना दी। पुलिस ने तलाश करने की बात कहकर चलता कर दिया। शनिवार को भी परिजन बच्ची की तलाश कर रहे थे।

शाम करीब पांच बजे पानी भरने की गई पड़ोस की एक किशोरी ने रामचंद्र के घर से करीब पचास मीटर की दूरी पर गांव के ही कल्लू के खाली प्लाट की चहार दीवारी पर शव लटका देखा। शव के सिर की तरफ का आधा हिस्सा प्लाट के भीतर था। आधा धड़ बाहर लटक रहा था। दुर्गंध आने से किशोरी का ध्यान उसकी ओर गया। सूचना पर पहुंचे परिजन बच्ची का शव देख बिलख पड़े। जानकारी पर इसी गांव के निवासी ब्लाक प्रमुख राजकुमार रावत पहुंचे।

उन्होेंने पुलिस को सूचना दी। करीब एक घंटे बाद पीआरवी पहुंची। खुशी की नाक पर चोट का निशान था। खून भी लगा था। कपड़े अस्तव्यस्त मिले। पुलिस ने शव को उठाकर पोस्टमार्टम के लिए ले जाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। सूचना के दूसरे दिन तक पुलिस के जांच और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज न किए जाने से नाराज ग्रामीण शव ले जाने का विरोध करने लगे। इनकी मांग उच्चाधिकारियों को मौके पर बुलाने और एसओ को निलंबित करने की थी।

इसके बाद एएसपी एपी सिंह, सीओ सिटी स्वतंत्र सिंह, सीओ पुरवा उमेशचंद्र त्यागी कई थानों के एसओ फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। फील्ड यूनिट और डाग स्क्वायड भी पहुंच गया। स्निफर डाग शव और मृतका के घर का चक्कर लगाते हुए करीब तीन सौ मीटर दूर गांव के बाहर तालाब के गेट तक जाने के बाद शव के पास रुक गया।
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रात करीब आठ बजे एसपी पुष्पांजलि भी पहुंचीं। उन्होंने तीन दिन के भीतर घटना के खुलासे का आश्वासन दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। एसपी ने बताया कि घरों के पास ही शराब ठेका है। परिजनों और ग्रामीणों में उसे लेकर भी आक्रोश है। हो सकता है कि कोई शराब के नशे में बच्ची को उठा ले गया और उसने हत्या कर दी। उन्होंने बताया कि परिजनों ने अभी किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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