उन्नाव। पत्नी को जलाकर मार डालने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट ने पति को दोषी पाया और 10 साल कैद की सजा सुनाई। न्यायाधीश ने 78,600 रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अदा ने करने पर दो महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
लखनऊ के थाना मोहनलालगंज के गांव त्रिलोकपुर निवासी रिंकी पुत्री सुरेश का वर्ष 2015 में असोहा थानाक्षेत्र के गांव रामपुर निवासी सुनील कुमार पुत्र स्व. सूरजपाल पासवान से हुआ था। शादी के कुछ दिन बाद से सुनील पत्नी रिंकी कोे दहेज में सोने की चेन न मिलने की बात पर पीटता था। मृतका रिंकी के पिता सुरेश ने मुकदमा दर्ज कराया था कि 11 जुलाई 2016 को वह विवाद की सूचना पर बेटी की ससुराल गए थे। उसी दिन देर शाम सुनील शराब पीकर घर आया और पत्नी को पीटने लगा।
बेटी को पिटता देख पिता ने विरोध किया तो उसे भी पीटा। बाद में पत्नी रिंकी को कमरे में बंद कर केरोसिन डाल आग लगा दी। इससे वह जलने लगी। बेटी को जलता देख पिता सुरेश ने उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई। मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने सुनील पर दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी।
शुक्रवार को न्यायाधीश भूपेंद्र राय ने सहायक शासकीय अधिवक्ता रामजीवन यादव की दलीलों को सुना और बचाव पक्ष को सुनने के बाद साक्ष्यों, गवाहों के आधार पर मृतका के पति सुनील को दोषी पाया। उन्होंने सुनील को दस साल कैद और 78,600 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड में 50 हजार रुपये पीड़ित पक्ष को दिए जाएंगे।
- 78 हजार अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास
- असोहा थाना के रामपुर में चार साल पहले हुई थी घटना