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मौसेरे भाई ने किया था भाई-बहन का कत्ल

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उन्नाव। गंगाघाट थानाक्षेत्र के ऋषिनगर में सोमवार को भाई-बहनों की हत्या उसके मौसेरे भाई ने अपने साथी संग मिलकर की थी। पुलिस ने आरोपी मौसेरे भाई को आला कत्ल के साथ गिरफ्तार कर लिया है। जबकि उसका साथी फरार है। हत्यारोपी ने अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती पत्नी के इलाज के लिए मौसी के घर में लूट की साजिश रची थी। बच्चों के विरोध करने और राज खुलने के डर से दोनों ने उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने मुख्य हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसका साथी अभी फरार है। मुख्य हत्यारोपी ने कुछ दिन पूर्व ही अपने साथी को प्रयागराज से घटना को अंजाम देने के लिए बुलाया था।
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गंगाघाट के ऋषिनगर निवासी पवन मिश्रा की बेटी अंशिका (15) व बेटे राघव (5) की सोमवार दोपहर घर में उस समय गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। बच्चों की मां मोनू मिश्रा अपनी बहन के बेटे गोलू उर्फ शुभांकित शुक्ला की गर्भवती पत्नी महक को देखने अस्पताल गई थी। अस्पताल से लौटने पर मोनू को दोनों बच्चों की हत्या की जानकारी हुई। वारदात को जिस तरह से अंजाम दिया गया था उससे पुलिस को किसी करीबी पर शक था। मोहल्ले के लोगों से जानकारी और हुलिया की जानकारी जुटाई। पता चला कि सोमवार दोपहर एक बाइक से पहले तीन युवक आए थे। कुछ मिनट रुकने के बाद तीनों वापस चले गए और इसके बाद दो युवक आए थे। बच्चों से दरवाजा खुलवाकर भीतर गए और कुछ देर बाद लौट गए थे। हुलिया के आधार पर आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। मां मोनू मिश्रा और पिता पवन मिश्रा से जानकारी ली। मोनू ने एक सप्ताह पहले पचास हजार रुपये न देने पर बहन स्व.मंजू शुक्ला के बेटे गोलू उर्फ शुभांकित से विवाद की जानकारी दी। हालांकि उसे बहन के बेटे पर हत्या का शक नहीं था। सर्विलांस की मदद से पुलिस ने मोनू से फोन पर हुई बातचीत के आधार पर सोमवार देर रात गोलू को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया। गोलू ने बताया कि उसने पत्नी महक को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती कराया था। पत्नी का इलाज कराने के लिए उसके पास रुपये नहीं थे। रुपयों के लालच में उसने मौसी के घर में लूट की साजिश रची। इस दौरान जब बच्चों ने विरोध किया और मम्मी-पापा को बता देने की जानकारी दी तो उसने दोनों की हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने में उसने मिश्रा कालोनी शुक्लागंज निवासी राहुल की भी मदद ली। कुछ दिन पूर्व ही उसे प्रयागराज से बुलाया था। बच्चों की हत्या करने के बाद उसने घर में रखे सभी बक्सों व अलमारी को खंगाला हालांकि उसके हाथ कुछ नहीं लगा। इसके बाद उसने मौसी के घर में ही अपने खून से सने कपड़े बदले और साथी के साथ भाग निकला। एसपी एमपी वर्मा ने मंगलवार को पुलिस लाइन में घटना का खुलासा किया। पुलिस ने हत्यारोपी की निशानदेही पर घर से कुछ ही दूर पर खून लगा लोअर, टीशर्ट, गमछा, बाइक और बच्चों का गला रेतने में प्रयोग की गई स्टील की बड़ी चाकू बरामद की। एसपी ने मुख्य हत्यारोपी को गिरफ्तार कर चौबीस घंटे के अंदर खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 15 हजार रुपये का पुरस्कार देने की बात कही। उन्होंने फरार हुए राहुल की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बनाई हैं।
मोनू मिश्रा की अनुपस्थिति में गोलू शुक्ला अपने साथी राहुल के साथ मौसी के घर पहुंचा था। मौसेरे भाई के विश्वास में अंशिका ने घर का दरवाजा खोल दिया था। घर पहुंचते ही गोलू ने बक्से व अलमारी में रखे रुपये व जेवर तलाशने शुरू कर दिए थे। इस बीच जब अंशिका ने शोर मचाया तो गोलू ने उसे पकड़कर बेड पर गिरा दिया और गमछे से उसका गला कस दिया। इसके बाद चाकू से उसका गला रेत दिया। इस दौरान जब अंशिका ने विरोध किया तो राहुल ने उसके हाथ पकड़ लिए। राज छिपाने के लिए अंशिका की हत्या कर दी और इसके बाद राघव को भी उसी बेड पर खींचकर चाकू से गला रेत दिया। पूछताछ में गोलू ने पुलिस को बताया कि साथी राहुल ने राघव का गला रेता था।
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भाई बहनों की नृशंस हत्या के बाद पुलिस ने मोनू मिश्रा के पड़ोसियों से पूछताछ की थी। पड़ोसियों ने बच्चों की मां की अनुपस्थिति में दो युवकों के घर आने की बात पुलिस को बताई थी। पुलिस ने उनका हुलिया पूछा और स्केच बनवाने का भी प्रयास किया। इस बीच जब मोनू ने बहन के लड़के पर शक जताया तो पुलिस ने अस्पताल पहुंच वहां के सीसीटीवी की जांच की। इस दौरान मोहल्ले के लोगों ने जो हुलिया व कपड़े का रंग बताया था वह गोलू से मिल गया। इसके बाद पुलिस ने गोलू को हिरासत में ले लिया था।

पूछताछ में गोलू ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व पत्नी के इलाज के लिए उसने मौसी मोनू से 50 हजार रुपये मांगे थे। मौसी ने रुपये देने से इंकार कर दिया था। जिस पर उसका उससे विवाद भी हुआ था। गोलू को पता था कि घर में 50 हजार रुपये व जेवर रखे हैं। हालांकि सोमवार को जब वह घर पहुंचा तो उसे कुछ हाथ नहीं लगा।

एएसपी वीके पांडेय ने बताया कि जिस तरीके से घटना को अंजाम दिया गया है उससे तय है कि गोलू व उसका साथी शातिर प्रवत्ति के हैं। हालांकि उनका कोई क्रिमिनल रिकार्ड नहीं है। फिर भी दोनों से पूछताछ की जाएगी। उन्होंने आशंका जताई कि दोनों पूर्व में भी किसी अपराध में शामिल हो सकते हैं। दूसरे आरोपी के हिरासत में आने के बाद पूछताछ की जाएगी।

बेटे और बेटी के शव के साथ ही रात को पोस्टमार्टम हाउस पहुंची मोनू का रो-रोकर बुराहाल रहा। वह बार-बार लोगों से यही पूछती कि उसके मासूम बच्चों ने किसा का क्या बिगाड़ा। दोनों बच्चों को उससे छीन लिया। अब ऐसी जिंदगी से तो मौत अच्छी है। उसकी चीत्कार सभी का कलेजे को चीरती रही। परिवार और रिश्तेदारों के अलावा पुलिस कर्मियों की भी आंखों से आंसू छलक पड़े। सभी मोनू और उसके पति पवन को ढांढस बंधाते रहे। बच्चों की मौत से बेहाल मोनू बार-बार बेहोश हो जाती।

शुक्लागंज में दो मासूम बच्चों की बेरहमी से हत्या की घटना से लोगों में काफी आक्रोश रहा। अहतियात बरतते हुए पुलिस ने रात में ही दोनों शव का पोस्टमार्टम कराया। रात डेढ़ बजे पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने शव को एंबुलेंस से घर पहुंचवाया। मंगलवार सुबह सुबह आठ बजे ही आनंद घाट पर दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। अंत्येष्टि में गए सैकड़ों लोगों में घटना को लेकर आक्रोश दिखा। हालांकि पुलिस ने फूंक-फूंककर कदम रखे और रात में ही आरोपी से पूछताछ कर घटना के खुलासे के करीब पहुंच गई और सुबह तक हत्यारे को गिरफ्तार कर जरूरी सबूत भी जुटा लिए। इधर वकीलों को जानकारी हुई तो मंगलवार दोपहर करीब पचास वकील न्यायालय परिसर में एकत्र हो गए। उनका इरादा भांप पुलिस ने गुपचुप तरीके से हत्यारोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया।

अंशिका व राघव के शव का सोमवार रात दो डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। लगभग डेढ़ घंटे चले पोस्टमार्टम में अंशिका के गले में नौ गहरे घाव मिले जबकि राघव के गले में गहरा घाव मिला।
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