अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। शहर कोतवाली पुलिस की ओर से तीन दिन पहले किए गए लूट गिरोह के खुलासे पर सवाल उठे हैं। पुलिस ने जिस पीड़ित महिला की चेन लूट का खुलासा किया है। उसे पीड़िता ने फर्जी बताया है। पीड़िता कहना है कि न तो उसकी चेन बरामद हुई और न लुटेरों की पहचान कराई गई। शिकायत पर आईजी ने एसपी को जांच के निर्देश दिए हैं। मामले की जांच सीओ सिटी को देते हुए तीन दिन में रिपोर्ट तलब की गई है।
मालूम हो कि कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को हाईवे से चार लुटेरों को उठाया था। बुधवार को पुलिस ने उन पर बिल्हौर के आर्किटेक्ट से हुई रुपयों और बाइक की लूट के अलावा उनके पास से चार चोरी की बाइकें बरामद की थीं। कोतवाली पुलिस ने दो महिलाओं से हुई चेन लूट का भी खुलासा कर दिया था। इसमें शहर के मोहल्ला सिविल लाइन क्वेटा तालाब निवासी मायादेवी पत्नी दिनेश चंद्र के साथ 12 मार्च को उनके घर से कुछ दूरी पर हुई चेन लूट की भी घटना का भी पुलिस ने खुलासे का दावा किया।
मुकदमे की वादी माया देवी का आरोप है कि पुलिस ने बिना लुटेरों को पहचान कराए और चेन बरामद कराए बिना ही लूट का खुलासा कर दिया। उन्होंने इसकी शिकायत एसपी हरीश कुमार सहित अन्य उच्चाधिकारियों से की है। गुरुवार को डीजीपी कार्यालय सवाल जवाब के बाद आईजी सुजीत पांडेय ने एसपी को प्रकरण की जांच कराकर रिपोर्ट तलब की है। एसपी सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह को प्रकरण की जांच सौंपी है। आईजी सुजीत कुमार पांडेय ने बताया कि गहनता से जांच और कार्रवाई की जाएगी।
-आईजी ने दिए जांच के निर्देश, तीन दिन में मांगी जांच रिपोर्ट
-पीड़िता ने चेन लूट का फर्जी खुलासा करने का लगाया आरोप