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विधायक और सह आरोपी गई सीतापुर जेल

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उन्नाव। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सीबीआई ने पाक्सो एक्ट में गिरफ्तार भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को मंगलवार को उन्नाव जिला जेल से सीतापुर जेल भेज दिया। उनके साथ सह आरोपी शशि सिंह को भी सीतापुर जेल भेजा गया है। किशोरी की मां ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर विधायक को उन्नाव जेल में रखने पर आपत्ति जताते हुए दूसरे जिले की जेल में शिफ्ट करने की मांग की थी।
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गांव की ही एक किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर को सीबीआई ने 13 अप्रैल को उनके लखनऊ स्थित घर से गिरफ्तार किया था। कस्टडी रिमांड पर रखने के बाद 27 अप्रैल को उन्नाव पाक्सो एक्ट कोर्ट में पेश करने के बाद यहीं की जेल भेज दिया था। विधायक को सीबीआई ने 13 मई को गिरफ्तार किया था। वह 27 मई से उन्नाव जेल में थे। उनके साथ सह आरोपी शशि सिंह को भी सीबीआई ने उन्नाव जेल भेजा था। 2 मई को किशोरी की मां ने हाईकोर्ट इलाहाबाद में याचिका दाखिल कर विधायक को उन्नाव जेल में रखने पर आपत्ति जताई थी। मां ने आरोप लगाया था कि उन्नाव जेल विधायक के लिए घर जैसी है। जेल से उनके घर की दूरी बमुश्किल चार सौ मीटर है। जेल में बंद तमाम बंदी और जेल स्टाफ में कई अधिकारी-कर्मचारी विधायक के करीबी हैं। यह जेल में उनकी मदद कर रहे हैं। विधायक जेल में रहते हुए भी यहीं से अपने नेटवर्क से जुड़े हैं। गवाहों को तोड़ने और धमकाने का भी आरोप लगाया था। मंगलवार सुबह 7:30 बजे पुलिस व पीएसी की सुरक्षा के बीच विधायक कुलदीप सेंगर और सह आरोपी शशि सिंह को सीतापुर जेल भेज दिया गया। किशोरी के पिता की हत्या के आरोप में गिरफ्तार विधायक के भाई अतुल सिंह व चार अन्य लोगों को पहले ही लखनऊ जेल में शिफ्ट किया जा चुका है।

सीबीआई की टीम पहुंची जिला अस्पताल
किशोरी के पिता के इलाज से संबंधित कागज और मेडिकल रिपोर्ट ले गई टीम
अमर उजाला ब्यूरो
उन्नाव। विधायक कुलदीप सिंह सेंगर प्रकरण में किशोरी के पिता की हत्या की जांच कर रही सीबीआई की टीम मंगलवार शाम एक बार फिर जिला अस्पताल पहुंची। यहां किशोरी के पिता के इलाज व उसके मेडिकल परीक्षण से संबंधित अभिलेख देखे। इस दौरान सीबीआई ने कई अभिलेख कब्जे में लिए। लगभग दो घंटे जिला अस्पताल के रिकार्ड रूम में बिताने के बाद टीम लौट गई।
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दुष्कर्म पीड़िता किशोरी के पिता की मौत के बाद सीबीआई 13 अप्रैल को सबसे पहले जिला अस्पताल पहुंची थी। सीबीआई ने यहां बंदी की मौत में लापरवाही बरतने वाले डाक्टरों से पूछताछ करने के साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जांच की थी। 13 अप्रैल को जांच के बाद मंगलवार को सीबीआई टीम के दो सदस्य दोबारा जिला अस्पताल पहुंचे। सीबीआई टीम ने सबसे पहले इमरजेंसी वार्ड में डाक्टर से जानकारी ली। इसके बाद बंदी के इलाज व उसके मेडिकल परीक्षण से संबंधित अभिलेख देखने के लिए सीएमएस डा. एसपी चौधरी से संपर्क किया। अभिलेख के लिए टीम इमरजेंसी वार्ड से निकलकर रिकार्ड रूम पहुंची। यहां 3 अप्रैल को किशोरी को भर्ती करने, 4 अप्रैल को उसे अस्पताल से डिस्चार्ज करने, अस्पताल में कराए गए मेडिकल परीक्षण, 7 अप्रैल को अल्ट्रासाउंड व खून की जांच से संबंधित रिपोर्ट व भर्ती रजिस्टर देखा। टीम ने यहां से कुछ अभिलेख कब्जे में लिए। दो घंटे तक रिकार्ड रूम में एक-एक अभिलेख की गहनता से जांच के बाद टीम लौट गई। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार सीबीआई के अधिकारियों ने किशोरी के पिता को दिए गए उपचार पर अधिक ध्यान केंद्रित किया था। उन्होंने बंदी को दी गई एक एक दवा की जानकारी जुटाई।


उन्नाव: विधायक कुलदीप सिंह प्रकरण
माखी थाने में जांच में जुटी रही सीबीआई
उन्नाव। माखी थाने में रुकी सीबीआई की टीम किशोरी के पिता की हत्या के साक्ष्य जुटाने में लगी है। किशोरी के पिता के साथ हुई मारपीट की घटना में कौन-कौन लोग शामिल रहे, घटना के बाद थाना पुलिस की क्या भूमिका रही, एसआईटी की रिपोर्ट में किशोरी के पिता के खिलाफ दर्ज कराए गए मारपीट और आर्म्स एक्ट के मुकदमे के वादी की ओर से मुकदमा न दर्ज कराए जाने की बात कहने और किशोरी के पिता की मौत के बाद से मुकदमे के वादी टिंकू सिंह के लापता होने की जांच सीबीआई कर रही है।
इनसेट
इन सवालों के जवाब तलाश रही सीबीआई
-क्या जिला अस्पताल के डाक्टरों ने दबाव में काम किया? अगर उन पर दबाव था तो उन्होंने अधिकारियों को क्यों नहीं बताया।
-सीबीआई आरोपों में घिरे विधायक से डाक्टरों के कनेक्शन तलाश रही है।
-पुलिसकर्मियों ने शरीर की चोटों को क्यों नजर अंदाज कर दिया?
- सीबीआई ने मेडिकल के दौरान किशोरी के बंदी पिता (अब मृतक) की ओर से दी गई वीडियो बाइट को भी जांच में शामिल किया है।
-जेल अधिकारियों की ओर से लिखित सूचना के बाद भी इलाज में लापरवाही क्यों बरती गई?
-बंदी की मौत के मामले में कौन-कौन जिम्मेदार है, इसके लिए पुलिस और अस्पताल प्रशासन जांच के घेरे में है ?
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अब 13 मई के बाद दिल्ली जाएगी किशोरी
किशोरी व उसके परिवार के सदस्यों को दिल्ली जाने के लिए सीबीआई और एसपी की ओर से अनुमति मिलने के बाद मंगलवार को इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष डा. मतीन ने दिल्ली में 9 मई को ही किसान मार्च का कार्यक्रम होने से किशोरी को दिल्ली ले जाने का कार्यक्रम फिलहाल निरस्त कर दिया है। डा. मतीन ने बताया कि 13 मई के बाद किसी दिन कार्यक्रम तय किया जाएगा।  किशोरी को इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग युवा विंग ने 9 मई को दिल्ली ले जाकर यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व अन्य राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से मुलाकात का कार्यक्रम तय किया था। इसे फिलहाल टाल दिया गया है।
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