उन्नाव। सदर कोतवाली से सटे पुरानी तहसील मतदान केंद्र में मतदान संपन्न होन के बाद सपा और भाजपा प्रत्याशियों के समर्थकों में कहासुनी हो गई। मामला इतना बढ़ा कि नौबत मारपीट तक पहुंच गई। आपस में झगड़ा करते दोनों पक्ष सदर कोतवाली के अंदर पहुंच गए और आपस में धक्कामुक्की करने लगे। इससे पुलिस को लाठी चलाकर भीड़ को खदेड़ा। दोनों पक्ष के सात लोगों को पुलिस ने कोतवाली में बैठा लिया है।
मोहल्ला गांधीनगर स्थित पुरानी तहसील में शाम छह बजे मतदान समाप्त होने के बाद मतपेटियां सील की जा रही थीं। भाजपा सभासद प्रत्याशी मोनू दीक्षित और सपा प्रत्याशी शीलू यादव मतपेटी सील करा रहे थे। तभी बाहर खड़े भाजपा प्रत्याशी के समर्थक नगमान और सपा प्रत्याशी के समर्थक सलमान के बीच विवाद होने लगे। देखते ही देखते नौबत मारपीट तक पहुंच गई। वहां उपस्थित लोगों ने मामला शांत कराया और सलमान को वहां से हटा दिया। कुछ ही देर बाद सलमान दो तीन गाड़ियों से समर्थकों के साथ आए और नगमान से मारपीट करने लगे। दोनों पक्ष कोतवाली के अंदर पहुंच गए और वहां भी आपस में धक्कामुक्की करते रहे। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा। सलमान को तीन साथियों के साथ और नगमान को दो साथियों के साथ कोतवाली में बैठाया है। कोतवाल राजेश पाठक ने बताया कि दोनों पक्षों को बिठाया गया है। तहरीर आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्नाव। शहर के बंदूहार वार्ड में सभासद पद के सपा और भाजपा प्रत्याशी के समर्थकों में फर्जी मतदान का आरोप लगाते हुए विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ा की मारपीट हो गई। पुलिस पोलिंग एजेंट सपा प्रत्याशी की बहन और दूसरे पक्ष से हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी को कोतवाली में बैठा लिया। सपा प्रत्याशी का आरोप है कि पुलिस ने भाजपा प्रत्याशी का समर्थन किया। मतदाताओं से अभद्रता की। वहीं भाजपा समर्थकों को बिना आईडी मतदान करने दिया। सपा प्रत्याशी और समर्थक मतदान को निरस्त कराकर दोबारा कराने की मांग की। सीओ और एसडीएम मौके पर पहुंचे। एसडीएम लिखित शिकायत करने की बात कही है। बंदूहार मोहल्ले में सभासद पद के लिए भाजपा से राजेंद्र भारती उर्फ कुन्नू और सपा से काजल वर्मा प्रत्याशी हैं।
सपा प्रत्याशी का आरोप है कि शाम करीब चार बजे हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी धीरेंद्र सिंह भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में जबरन मतदान कराने लगे। विरोध करने पर भाजपा कार्यकर्ता मारपीट पर उतर आए। पुलिस से शिकायत की गई तो उन्होंने भी कोई सहयोग न करते हुए पोलिंग एजेंट रही मेरी बहन आकांक्षा को कोतवाली में बिठाया गया। बाद में जब मतदान का बहिष्कार की बात कही तो हिंदू युवा वाहिनी के मंडल प्रभारी को भी साथ ले गई। यही नहीं भाजपा प्रत्याशी के जो मतदाता आ रहे थे।
उनकी आईडी बिना देखे ही फर्जी मतदान करा दिया गया। सपा पक्ष के मतदाताओं की एक नहीं दो से तीन आईडी देखी गई। उसके बाद भी मतदान करने में दिक्कत पैदा की गई। हंगामे की सूचना पर एसडीएम और सीओ पहुंचे। विरोध कर रहे सपा प्रत्याशी की बात सुनी और लिखित में शिकायत करने की बात कही है।
सीओ आशुतोष कुमार ने बताया कि सपा प्रत्याशी ने जो आरोप लगाए हैं, वह लिखित में देने के लिए कहा गया है। उसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
उन्नाव। दोपरापुर मोहल्ले में बने मतदान स्थल पर फर्जी आईडी पर वोट डालने को लेकर सपा और भाजपा प्रत्याशियों में विवाद हो गया। घटना के बाद सपा प्रत्याशी वहां से निकले और अपने अन्य साथियों के साथ दोबारा और पत्थर चलाना शुरू कर दिया। इससे भगदड़ मच गई। भाजपा नगर अध्यक्ष की सूचना पर सीओ और कोतवाल पहुंचे। भाजपाइयों ने आरोप लगाया कि सपा पक्ष के लोगों ने तमंचा भी लहराया है। पुलिस जांच कर रही है।
दोपरापुर मोहल्ले में भाजपा प्रत्याशी दिनेश चौरसिया उर्फ भंडारी और सपा प्रत्याशी यासीन अहमद उर्फ शीबू चुनाव लड़ रहे थे। भाजपा प्रत्याशी का आरोप है कि सपा प्रत्याशी फर्जी आधार कार्ड पर मतदान करना चाह रहे थे। इसका विरोध करने पर वह पहले मारपीट पर उतर आए। बाद में और लोगों को आता देख भाग निकले। कुछ देर बाद वह अपने कई साथियों के साथ आकर पथराव शुरू कर दिया। पथराव की सूचना पर नगर महामंत्री अवनीश गुप्ता पहुंचे और सीओ को घटना की जानकारी दी। पथराव की सूचना पर सीओ सिटी आशुतोष कुमार और कोतवाल राजेश पाठक फोर्स के साथ पहुंचे। फोर्स को आता देख सपा प्रत्याशी समर्थकों के साथ भाग निकले।
कोतवाल राजेश पाठक ने बताया कि आपसी विवाद हुआ था। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गंजमुरादाबाद। कस्बे में फर्जी मतदान करने जा रहे तीन नाबालिगों को एसडीएम और सीओ ने पकड़कर कोतवाली भेज दिया। वहीं, एजेंट बनी एक नाबालिग की मां को भी हिरासत में लिया। फर्जी मतदान की भनक लगते ही मतदान केंद्र पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा होने लगी। भीड़ को देखते हुए पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए अर्धसैनिक बल को मतदान केंद्र पर तैनात किया गया।
कस्बा गंजमुरादाबाद के डीसीकेएम इंटर काॅलेज के मतदान केंद्र पर मतदान चल रहा था। गुरुवार दोपहर 12 बजे केंद्र पर पहुंचे एसडीएम उदित नारायण सेंगर और सीओ पंकज सिंह ने फर्जी मतदान करने जा रहे तीन नाबालिगों को कोतवाली भेज दिया। वहीं मौके पर एजेंट बनी एक नाबालिग की मां को भी पुलिस हिरासत में लिया। सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। बांगरमऊ कोतवाली प्रभारी ज्ञानेंद्र सिंह ने मोर्चा संभालते हुए भीड़ को तितर बितर किया और मतदान केंद्र पर अर्धसैनिक बल की तैनाती की। पुलिस ने हिरासत में लिए गए सभी लोगों को शाम को घर भेज दिया। उधर, नवाबगंज के जीजीआईसी सेंटर पर बने चार बूथों में बूथ नंबर तीन पर नवाबगंज के पछियावं निवासी नादिया को पुलिस ने संदेह होने पर वोट डालने से पहले ही पकड़ लिया और कोतवाली भेज दिया। कोतवाल वीके मिश्रा ने बताया कि पूछताछ के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। वहीं नागेश्वर नगर नगर पंचायत बीघापुर में फर्जी मतदान को लेकर प्रत्याशी व समर्थकों ने आपत्ति जताई।
शहर के डीवीडीटी काॅलेज में मतदाता सूची में अन्नू नाम का आधार कार्ड लेकर अनवार नामक युवक पहुंचा तो शक होने पर बाहर खड़े एजेंटों ने ही रोक दिया। पूछताछ में वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। एजेंटों के सख्ती करने पर युवक वहां से भाग निकला। वहीं यहां पर बीजेपी व निर्दलीय प्रत्याशी के बीच फर्जी वोटिंग को लेकर बहस भी हुई। शहर के वार्ड नंबर पांच में एक वृद्ध को फर्जी वोटिंग करने की सूचना पर एजेंटों ने पकड़ लिया। वृद्ध का आधारकार्ड भी फर्जी निकला। जिसके बाद उसे पुलिस को सौंपने की तैयारी की जाने लगी। इसी बीच वृद्ध वहां से चकमा देकर निकल गया।