हसनगंज। संपूर्ण तहसील समाधान दिवस में पहुंची डीएम के सामने हदबरारी मामले में भूमि की पैमाइश न होने की शिकायत की। जिस पर डीएम ने राजस्व निरीक्षक व लेखपाल से स्पष्टीकरण तलब किया। वहीं एक अन्य मामले में लेखपाल को फटकार लगाई। डीएम के सामने दिव्यांग ने पहुंचकर प्रमाणपत्र मांगा तो एक अन्य महिला आवास की मांग करते हुए रोने लगी। डीएम अपूर्वा दुबे के सामने कुल 337 मामले आए। जिसमें राजस्व के 127, पुलिस के 47, पूर्ति निरीक्षक के 45, विद्युत विभाग के 32 व 38 अन्य मामले शामिल रहे। इसमें से राजस्व के 48 मामले ही निस्तारित हुए। गेरुआ गांव निवासी राम मूरत सिंह ने बताया कि लेखपाल राजीव कुमार ने मेरे मकान की जमीन दूसरे के नाम चढ़ा दी है। जिस पर लेखपाल को कड़ी फटकार लगाई। तालाबों के अधिक मामले को लेकर एसडीएम को पट्टा दिवस बनाने के निर्देश दिए हैं। अखौली प्रधान आशीष यादव ने चारागाह की जमीन पर ग्रामीणों द्वारा कब्जे को लेकर शिकायत की जिस पर नायब तहसीलदार सहित अन्य की टीम गठीत कर कब्जा मुक्त करने के निर्देश दिए। खेरवा अलादादपुर निवासी कांति ने बताया कि घर जर्जर है। एक कच्ची कोठरी है जो गिर गई है। उसके बाद भी आवास नहीं दिया गया है। जिस पर डीएम ने पीडी व खंड विकास अधिकारी गुलाब चंद्र पर नाराजगी जताते हुए जांच कर तत्काल प्रभाव से आवास देने के निर्देश दिए। अजगैन कोतवाली क्षेत्र के दिरगजखेड़ा निवासी धनी राम ने बताया कि 2022 में हद बरारी का मुकदमा डाला था अभी तक लेखपाल व कानूनगो ने पैमाइश नहीं की है। डीएम को लेखपाल ने गोल-गोल जवाब दिया। जिस पर डीएम फाइल मंगा कर जांच की लेकिन किसी भी प्रकार की लेखपाल द्वारा रिपोर्ट नहीं मिली। जिसको लेकर लेखपाल केके शुक्ला व राजस्व निरीक्षक संजय से स्पष्टीकरण मांगा।
रानीखेड़ा खालसा की दिव्यांग आकृति सिंह ने दिव्यांग प्रमाण बनवाने के लिए प्रार्थना पत्र देकर बताया कि 12 बार से अधिक प्रार्थनापत्र देने के बाद अभी तक काम नहीं हुआ। मलकादिम सराय निवासी नन्हा ने बताया कि दस बार जमीन नापने के लिए प्रार्थना पत्र दिया लेकिन लेखपाल नहीं गए। एसडीएम नवीन चंद्र, तहसीलदार विराग कवरिया, नायब तहसीलदार पूर्णिमा तिवारी, राजेश्वर त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
इंसेट
रिपोर्ट न आने पर निरस्त कर दी जाती है फाइल
तहसील बार एसोसिएशन अध्यक्ष दाताराम शुक्ला सहित 50 से अधिक अधिवक्ताओं ने डीएम को ज्ञापन दिया। बताया कि नायब, तहसीलदार सहित एसडीएम न्यायालय में धारा जमीन से संबंधित मुकदमों आदि में लेखपाल, कानूनगो की रिपोर्ट न आने पर फाइल निरस्त कर दी जाती है। जिस पर डीएम ने जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया।