गंजमुरादाबाद। साथियों के साथ गंगा स्नान करने के दौरान 12 साल का बालक डूब गया। ग्रामीण आधे घंटे बाद उसे खोज पाए लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिया निर्माण न होने से नाराज ग्रामीणों ने शव नहीं उठने किया और चार घंटे तक हंगामा किया। तहसीलदार और कोतवाल ने जल्द निर्माण शुरू कराने का आश्वासन देकर शांत कराया।
बांगरमऊ कोतवाली के गांव रतईपुरवा निवासी रामनिवास का बेटा शोभित (12) रविवार दोपहर 12:30 बजे गांव के साथियों के साथ खेत गया था। वहां खेल-खेल में वह गंगा नदी में नहाने लगा। पैर फिसलने से वह गहराई में जाकर डूब गया। साथियों ने शोर मचाया तो खेतों में मौजूद ग्रामीण पहुंचे। आधा घंटे मशक्कत के बाद बच्चे को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
मां राधा व अन्य परिजन बेहाल हो गए। मृतक के पिता कानपुर की एक गुटका (पान मसाला) फैक्टरी में काम करते हैं। घटना की सूचना पर वह गांव पहुंचे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया। गुस्साए ग्रामीणों ने गंगा नदी से पहले तालाब की पुलिया बनवाने की मांग की और शव नहीं उठाने दिया।
कोतवाल राजेश पाठक और तहसीलदार रामाश्रय भी पहुंचे। उन्होंने पुलिया निर्माण कराने का आश्वासन दिया। चार घंटे बाद परिजन माने, तब शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। मृतक तीन भाई-बहनों में बड़ा था।
खेत और गंगातट जाने का है मुख्य रास्ता
ग्रामीणों ने तहसीलदार को बताया कि घटनास्थल वाला स्थान खेतों और गंगा तट जाने का प्रमुख रास्ता है। इसी रास्ते पर पहले आई बाढ़ में रास्ता कट गया था। रास्ते पर जलभराव रहने से आवागमन में मुसीबत रहती है। कटान वाले स्थान पर ग्रामीण लगातार पुलिया बनवाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं होती। रविवार को हुई घटना के बाद ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों को भी अपना निशाना बनाते हुए आक्रोश जताया।