उन्नाव। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर बुधवार सुबह स्लीपर बस और दूध भरे टैंकर की भिड़ंत में 18 लोगों की मौत की घटना में गुरुवार को एडीजी यातायात घटना पर पहुंचे और जांच की। पाया गया कि चालक की लापरवाही, नियमों की अनदेखी व बस की अत्यधिक रफ्तार हादसे की वजह रही।
एडीजी यातायात सत्यनारायण को एक्सप्रेसवे पर घटनास्थल के आसपास सीसीटीवी कैमरे भी लगे नहीं मिले। जांच में सामने आया है कि बस चालक काफी तेज रफ्तार में लापरवाही से गाड़ी चला रहा था। टैंकर को ओवरटेक करने के लिए वह बस को बायीं तरफ की लेन में ले गया। जबकि उसे दायीं तरफ से ओवरटेक करना चाहिए था। बस चालक के हार्न बजाने पर टैंकर चालक ने जब गाड़ी को बायीं तरफ किया तभी बससे भिड़ंत हो गई।
यदि बस चालक को दायीं तरफ से टैंकर को ओवरटेक करता और रफ्तार पर नियंत्रण रखता तो हादसे से बचा जा सकता था। हालांकि गठित टीम की वैज्ञानिक विधि के बाद ही सभी तथ्य सामने आएंगे। उन्होंने बताया कि जल्द ही टीम अपनी जांच शुरू करेगी। निरीक्षण के दौरान बांगरमऊ सीओ अरविंद कुमार, यातायात प्रभारी भवन सिंह मौर्य भी मौजूद रहे।
टैंकर रुकने की पुष्टि नहीं
जीपीएस की जांच में टैंकर के एक्सप्रेसवे पर रुकने की पुष्टि नहीं हुई है। सीओ ने बताया कि टैंकर के जीपीएस का डेटा निकाला गया है। उसमें टैंकर के एक्सप्रेसवे पर रुकने की पुष्टि नहीं हुई है। बताया कि घटनास्थल से छह किलोमीटर पहले लगे स्पीड जांचने वाले कैमरों में दोनों वाहनों की गति अधिक होने की पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रैवल एजेंसी मालिक व संचालक की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना
हादसे का शिकार हुई बस के अनफिट होने पर एआरटीओ की से एफआईआर दर्ज कराने के बाद पुलिस की दो टीमें ट्रैवल एजेंसी मालिक और संचालक की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली और राजस्थान के जोधपुर गईं हैं।मालूम हो कि हादसे के बाद हुई जांच में पुष्टि हुई थी दुर्घटनाग्रस्त स्लीपर बस की फिटनेस एक जनवरी 2022 में खत्म हो गई थी। रोड टैक्स 30 नवंबर 2023 से नहीं जमा किया गया था। बीमा 13 फरवरी 2024 को खत्म हो गया। बस परमिट दो जनवरी 2024 से खत्म है।
बस राजस्थान के जोधपुर एनके टॉवर कोहिनूर सिनेमा के पास स्थित मेसर्स केसी जैन ट्रैवल की है। उसका पंजीकरण महोबा जिले में ट्रैवल एजेंसी के मालिक करन चंद्र जैन और केयर ऑफ में महोबा के मवई खन्ना निवासी पुष्पेंद्र सिंह के नाम है। एआरटीओ ने पुष्पेंद्र सिंह से फोन पर बात की तो बताया कि वह 2019 में करन चंद्र जैन के कार्यालय में नौकर थे। कोरोना से करन चंद्र जैन की मौत होने के बाद नौकरी छोड दी। पुष्पेंद्र ने करन चंद्र जैन के पार्टनर सोहन का मोबाइल नंबर दिया। सोहन ने बताया कि इस बस का संचालन दिल्ली के पहाड़गंज निवासी चंदन जायसवाल कर रहे हैं। बांगरमऊ सीओ अरविंद कुमार ने बताया कि तहरीर के आधार पर ट्रैवल एजेंसी के संचालक सोहन, बस संचालक चंदन जायसवाल और बस चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। बताया कि चालक की हादसे में मौत हो गई है। सोहन और चंदन जायसवाल की गिरफ्तारी के लिए दो पुलिस टीमें रवाना की गई हैं। उन दोनों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की इन धाराओं में दर्ज हुई रिपोर्ट
धारा-106 (1)- बिना सोचे-समझे, लापरवाही से ऐसा कार्य करना जो किसी की मौत की वजह बन जाए।
धारा-125 (ए)- वाहन चलाने के दौरान किसी को चोट पहुंचाना।
धारा-125 (बी)-लापरवाही से वाहन चलाना और गंभीर चोट पहुंचाना।
धारा-281-सार्वजनिक रास्ते पर उतावलेपन और लापरवाही से वाहन चलाना।
धारा-285-सार्वजनिक मार्ग में खतरा व बाधा डालकर खतरा या चोट पहुंचाना।
धारा-289-किसी भी मशीनरी को उपेक्षा व उतावलेपन से चलाना जो किसी के लिए खतरा बन जाए।
गोरखपुर में बदला था चालक, जांच कर रही पुलिस
हादसे का शिकार हुई स्लीपर बस को बिहार के शिवहर से चली थी। रात को गोरखपुर पहुंची जहां चालक ने एक ढाबे के पास बस को रोका। बांगरमऊ सीओ ने बताया कि कुछ यात्रियों से इस संबंध में जानकारी ली गई थी। उन्होंने बताया था कि बिहार से गोरखपुर तक दूसरा चालक बस लेकर आया था। गोरखपुर में कुछ देर रुकने के बाद दूसरा चालक (अखलाख) बस लेकर दिल्ली के लिए चला था। हालांकि स्टेयरिंग संभालते ही वह बस को बेतरतीबी से भगा रहा था।
दुर्घटनाग्रस्त टैंकर भी अनफिट
एआरटीओ प्रवर्तन अरविंद सिंह ने बताया कि जांच में पाया गया है कि दुर्घटनाग्रस्त हुआ टैंकर प्रयागराज से दूध लेकर दिल्ली जा रहा था। फिटनेस पांच मई 2024 को खत्म हुई है। बीमा 30 अप्रैल को और प्रदूषण प्रमाण पत्र की वैधता नवंबर 2023 में खत्म हो गई थी।